Wednesday, 2 September 2026
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अरपा पार को अलग निगम बनाने की मांग:बिलासपुर में आमरण अनशन पर बैठे अमित तिवारी; कहा- MIC तक नहीं पहुंचा प्रस्ताव

INT News2 September 2026 at 03:52 pm

बिलासपुर में अरपा नदी के पार अलग नगर निगम बनाने की मांग को लेकर मंगलवार से आमरण अनशन शुरू हो गया है। नागरिक सुरक्षा मंच के बैनर तले राम सेतु पर अनशन किया जा रहा है। नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी का कहना है कि अरपा के उस पार का इलाका अब सिर्फ शहर का किनारा नहीं है। उनका कहना है कि यहां नगर निगम के दो जोन कार्यालय के साथ अपोलो, एसईसीएल, बहतराई स्टेडियम, खेल परिसर, सीयू, एयू और ओयू जैसे कई अहम संस्थान मौजूद हैं। इसके बावजूद अलग नगर निगम बनाने की मांग पिछले 30 सालों से पूरी नहीं हो पाई है। अमित तिवारी ने कहा कि वे तीन दशकों से इस मुद्दे को उठा रहे हैं। इस दौरान नगर निगम से लेकर राज्य और केंद्र की कई सरकारें बदल गईं। राजनीतिक पार्टियों के नेता भी आते-जाते रहे, लेकिन किसी ने भी लोगों की इस मांग पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अलग नगर निगम की मांग का प्रस्ताव आज तक एमआईसी (महापौर परिषद) तक नहीं पहुंचा है। जबकि इस इलाके में दो विधानसभा क्षेत्रों के 22 वार्डों के पार्षद हैं। अब यहां से दो विधायक भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अमर अग्रवाल पर वायदाखिलाफी का आरोप अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र में शहर विधायक अमर अग्रवाल ने अलग नगर निगम बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इस वादे पर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 30 साल तक मांग पूरी नहीं होने के बाद उन्होंने अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक आमरण अनशन शुरू किया है। राजनीतिक समर्थन के बावजूद नहीं बनी बात अमित तिवारी ने कहा कि अरपा पार को अलग निगम बनाने की मांग को राजनीतिक समर्थन की कभी कमी नहीं रही। शहर विधायक अमर अग्रवाल के घोषणा पत्र में अलग निगम बनाने का वादा शामिल था। बेलतरा के पूर्व विधायक रजनीश सिंह ने भी इसका समर्थन किया। इसके बावजूद नगर निगम की निर्णय प्रक्रिया में इसे जगह नहीं मिली। स्मार्ट सिटी में भी अरपापार को नहीं मिली तवज्जो उन्होंने कहा कि अरपा पार की उपेक्षा केवल अलग निगम की मांग तक सीमित नहीं है। स्मार्ट सिटी परियोजना के समय भी यह क्षेत्र शुरुआती तौर पर शहर के उस हिस्से में शामिल नहीं रहा, जहां बड़े पैमाने पर आधुनिक अधोसंरचना विकसित की गई। जबकि समय के साथ अरपापार में आबादी, संस्थान और शहरी गतिविधियां लगातार बढ़ती गईं। अमित तिवारी का कहना है कि अलग प्रशासनिक इकाई बनने से स्थानीय स्तर पर फैसले और विकास योजनाएं तेजी से लागू हो सकेंगी। फंड और प्रशासनिक व्यवस्था का रोड़ा अमित तिवारी ने कहा कि अरपापार को अलग निगम बनाने के मामले में वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था का भी सवाल है। बिलासपुर को अब तक बी-ग्रेड सिटी का दर्जा नहीं मिल पाया है। ऐसे में नए निगम के गठन के साथ प्रशासनिक ढांचे, कर्मचारियों, कार्यालय, संसाधनों और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय व्यवस्था करनी होगी। अलग निगम बनने पर केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाले फंड और योजनाओं का हिस्सा भी नए सिरे से तय होगा। सरकार पर निर्णय का दबाव अमित तिवारी ने कहा कि इस बार मुद्दा केवल नया निगम बनाने का नहीं, बल्कि अरपा पार को बिलासपुर के बराबर राजनीतिक और प्रशासनिक हिस्सेदारी देने का है। उन्होंने कहा कि जब तक इस मांग पर ठोस और सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मेयर बोलीं- अगले चुनाव से पहले बनेगा निगम नगर निगम की महापौर पूजा विधानी का कहना है कि अरपा पार को अलग नगर निगम बनाने की मांग शहर विधायक के घोषणा पत्र में शामिल थी। अगले निगम चुनाव से पहले अरपापार अलग नगर निगम बन जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह अनशन में बैठने से कुछ नहीं होगा। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आमरण अनशन अमित तिवारी ने ऐलान किया कि जब तक अरपा पार को पृथक नगर निगम बनाने के लिए ठोस एवं सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आमरण अनशन जारी रहेगा।