समाचार · मध्य प्रदेश
सावन के तीसरे सोमवार शिवालयों में उमड़ी भीड़:श्रद्धालुओं ने किया रुद्राभिषेक, शहर से गांवों तक गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे
सावन के तीसरे सोमवार को शहर से लेकर गांवों तक शिवभक्ति का ज्वार उमड़ पड़ा। सुबह सूर्योदय से पहले ही शिवालयों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दिनभर मंदिरों में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद सहित पंचामृत से अभिषेक किया। सावन के नियमों के अनुसार, भगवान शिव को बिल्वपत्र, आक और धतूरा अर्पित किए गए। अभिषेक के बाद शिवलिंग का चंदन, अक्षत और पुष्पों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती उतारी और मेवा-मिष्ठान व ऋतु फलों का भोग लगाया। कई मंदिरों में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे। शहर के हजारेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव, सोनेश्वर महादेव और गिर्राज घाट स्थित गिर्राजेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर में घंटे-घंटियों की आवाज और शिवभक्तों के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। नागदा क्षेत्र के नागेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव और सिद्धेश्वर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बड़ौदा के चंद्रसागर शिवालय और कुंडेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मानपुर के मानेश्वर महादेव और त्रिवेणी संगम स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहेगा। सावन सोमवार के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की चारों पहर पूजा की। सुबह से शुरू हुआ जलाभिषेक और पूजन का दौर देर शाम तक जारी रहेगा। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना की। मंदिरों में विशेष साज-सज्जा भी की गई थी, जिससे शहर और ग्रामीण अंचलों में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला।