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उत्तराखंड में अब ‘अर्जुन’ ही नहीं, ‘द्रोणाचार्य’ भी किए जाएंगे तैयार

उत्तराखंड अब खेल के मैदान में सिर्फ अर्जुन तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, यहां द्रोणाचार्य भी तैयार होंगे। यानी युवा केवल खिलाड़ी बनकर पदक जीतने के सपने ही नहीं देखेंगे, बल्कि नई पीढ़ी को तराशने वाले प्रशिक्षक भी बनेंगे। यही नहीं, प्रदेश में खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन और खेल पत्रकारिता के एक्सपर्ट भी तैयार होंगे।हल्द्वानी में शनिवार को प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के साथ इसकी शुरुआत हो गई है। पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने खेलों में हमेशा अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। दूरस्थ गांवों और सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी प्रतिभाओं ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर प्रदेश का नाम रोशन किया है लेकिन खिलाड़ियों को तराशने के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण और खेलों से जुड़ी उच्च शिक्षा के मजबूत ढांचे के निर्माण की प्रदेश में लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। अब हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत के साथ उत्तराखंड में खेलों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।तैयार हो चुका है कर्मचारियों का ढांचा हल्द्वानी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए कर्मचारियों का ढांचा भी तैयार है। यहां स्पोर्ट्स कोचिंग विंग में 39 पद सृजित किए गए हैं। इनमें प्रधान कोच/मुख्य कोच, कोच/प्रशिक्षक और सहायक कोच/प्रशिक्षक शामिल हैं। खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान संकाय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 14 पद हैं। इसके अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी के लिए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक समेत 12 पद स्वीकृत किए गए हैं।पहले सत्र से तीन स्नातक पाठ्यक्रम चलाए जाएंगेअपर निदेशक खेल अजय अग्रवाल ने बताया, खेल विवि के पहले सत्र में तीन स्नातक पाठ्यक्रम बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स साइंस, बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और बैचलर ऑफ स्पोर्ट्स जर्नलिज्म शुरू किए गए हैं। प्रत्येक में 40-40 सीटें रहेंगी। स्पोर्ट्स साइंस की पढ़ाई से खेल प्रदर्शन को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने वाले युवा तैयार होंगे। स्पोर्ट्स मैनेजमेंट से खेल और उससे जुड़े प्रबंधन के क्षेत्र में करियर के नए रास्ते खुलेंगे। वहीं, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म से युवाओं को लाभ मिलेगा।नई यूनिवर्सिटी में नौ खेलों में होगा डिप्लोमा कोर्सहल्द्वानी खेल विवि में पहले शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नौ खेल विधाओं में डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग शुरू किया जा रहा है। इसके माध्यम से युवा पेशेवर प्रशिक्षक बनने की शिक्षा प्राप्त करेंगे। कोचिंग डिप्लोमा के लिए बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, कराटे, स्विमिंग, ताइक्वांडो और आइस स्पोर्ट्स को शामिल किया गया है। प्रत्येक खेल में 20 सीटें होंगी।राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के बाद बदली तस्वीर 38वें राष्ट्रीय खेलों ने उत्तराखंड में विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं के विकास को नई गति दी। देहरादून में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आधुनिक त्रिशूल शूटिंग रेंज राष्ट्रीय खेलों के लिए शुरू की गई थी। यही नहीं, यहां एथलेटिक्स ट्रैक का दोबारा जीर्णोद्धार किया गया। राष्ट्रीय खेलों के बाद देश की एकमात्र हिमाद्री आइस रिंक का दोबारा संचालन शुरू हुआ। तब से यहां कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबले हो चुके हैं। देहरादून में लॉन बॉल ग्राउंड, मल्टीपरपज हॉल और परेड ग्राउंड में लॉन टेनिस व बैडमिंटन कोर्ट का नवीनीकरण भी किया गया। इसके अलावा नैनीताल, हल्द्वानी और ऊधमसिंहनगर में भी खेल सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।