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INDIA गठबंधन की महारैली को CJP का समर्थन, कारोबारी संगठन ने जताया विरोध; राहुल गांधी से मांगा 20 मिनट का समय

INT News28 October 2026 at 09:24 pm

कॉकरोच जनता पार्टी ने INDIA गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली महारैली को समर्थन देने की घोषणा की है. पार्टी की ओर से अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.

CJP ने अपने पत्र में कहा कि लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार अपने मतदाता चुनती है. पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए इस सिद्धांत को कमजोर किया जा रहा है.

पत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा गया. CJP ने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर विश्वास खो दिया है. पार्टी ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता बहाल करने के लिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.

राहुल गांधी ने महारैली को बताया ‘शिव की बारात’

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी महारैली में शामिल होने के लिए देशभर के लोगों को आमंत्रित किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि देशभर से लाखों देशभक्त ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जनमार्च और महारैली’ में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं.

राहुल गांधी ने इसे किसी राजनीतिक दल, जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र तक सीमित आंदोलन मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह हर भारतीय का आंदोलन है. उन्होंने लोगों को आमंत्रित करते हुए लिखा, “शिव की बारात की तरह, बिना किसी भेदभाव सबका स्वागत है, हक़ से आएं.”

महारैली के विरोध में कारोबारी संगठन, राहुल गांधी से मांगा 20 मिनट का समय

एक तरफ CJP ने महारैली को समर्थन दिया है, तो दूसरी तरफ दिल्ली के कारोबारी संगठन CTI ने रैली के आयोजन पर चिंता जताई है. संगठन ने बुधवार को राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनसे 20 मिनट की मुलाकात का समय मांगा. CTI का कहना है कि रैली के कारण दिल्ली के प्रमुख बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं.

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने पत्र में कहा कि करीब 20 बाजारों के प्रतिनिधि राहुल गांधी से मिलकर उन्हें कारोबारियों की चिंताओं से अवगत कराना चाहते हैं. संगठन के मुताबिक, रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना है. ऐसे में दीपावली से पहले त्योहारों के दौरान बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है.

CTI ने चार दिन में दूसरी बार राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद तक स्थगित करने का आग्रह किया है. इससे पहले 24 अक्टूबर को भी संगठन ने उन्हें पत्र भेजकर कहा था कि रैली की तारीख आगे बढ़ाने से साल के सबसे व्यस्त कारोबारी समय में व्यापारिक गतिविधियों को नुकसान से बचाया जा सकता है.

बृजेश गोयल ने अपने पत्र में कहा, “हम टकराव नहीं चाहते, हम संवाद चाहते हैं. राहुल जी खुद कहते हैं कि वह सभी की सुनते हैं, छोटे व्यापारियों की आवाज सुनते हैं. इसलिए 20 बाजारों के हम व्यापारी उनसे 20 मिनट का समय मांग रहे हैं. यही लोकतंत्र की खूबसूरती होगी.”

उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी व्यापारियों को यह समझाने में सफल रहते हैं कि रैली से कारोबार को फायदा होगा और बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी, तो व्यापारी अपना विरोध वापस ले लेंगे. वहीं, अगर व्यापारी उन्हें यह समझाने में सफल रहते हैं कि रैली से कारोबार को नुकसान होगा, तो उन्हें इसे दीपावली के बाद तक टाल देना चाहिए.

रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों पर असर की आशंका

CTI ने जिन बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है, उनमें चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, सदर बाजार, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, नबी करीम, करोल बाग, अजमेरी गेट और दरियागंज शामिल हैं.

इसके अलावा नई सड़क, किनारी बाजार, दरीबा कलां, फतेहपुरी, नया बाजार, फिल्मिस्तान, पहाड़गंज, गफ्फार मार्केट, जामा मस्जिद-मीना बाजार और लाजपत राय मार्केट का भी उल्लेख किया गया है.

संगठन के मुताबिक, ये बाजार रामलीला मैदान से करीब एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं. ऐसे में रैली के दौरान लोगों की भारी भीड़ और आवाजाही के कारण व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आने की आशंका है.

‘वोट चोरी’ और SIR के मुद्दे पर होनी है महारैली

INDIA गठबंधन की इस महारैली का उद्देश्य ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाना है. विपक्षी गठबंधन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहा है.

इस तरह 1 नवंबर को होने वाली महारैली को जहां विपक्षी दलों का समर्थन मिल रहा है, वहीं दिल्ली के कारोबारी संगठन ने त्योहारों के मौसम में कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई है. अब देखना होगा कि राहुल गांधी के साथ बातचीत की CTI की मांग पर क्या प्रतिक्रिया आती है और रैली की तारीख में कोई बदलाव होता है या नहीं.

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