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डिंडोरी कलेक्टर ने 9 राजस्वकर्मियों की वेतनवृद्धि रोकी:राजस्व कार्यों में लापरवाही, अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी
डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने राजस्व कार्यों में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने 9 राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों की एक वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में कोताही, लंबित कार्यों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति न होने और निर्देशों के बावजूद संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न करने के कारण की गई है। यह मामला 17 जुलाई 2026 को आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक से जुड़ा है। इस बैठक में ई-रजिस्ट्रेशन, आधार आरओआर और सीमांकन सहित विभिन्न राजस्व कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान कार्यों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने, निर्धारित दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने और स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद, 22 जुलाई 2026 को इन अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न किए जाने पर, मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1965 के नियम-10 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। जिन राजस्व अधिकारी-कर्मचारियों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें राजस्व निरीक्षक राजेंद्र मरकाम, हेमंत उईके, संजय मरकाम, सुखदेव सिंह भवेदी, बलसिंह बल्को, तीरथ प्रसाद संत तथा पटवारी संजय परस्ते, शैलेंद्र मार्को और विजय नेताम शामिल हैं। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही, उदासीनता या निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को राजस्व संबंधी कार्यों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।