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जुलाना क्षेत्र में जलभराव से किसान परेशान:हजारों एकड़ खेत पानी में डूबे, किसान बोले- फसल खराब होने की आशंका
जींद जिले के जुलाना क्षेत्र में 7 अगस्त को हुई भारी बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। लगभग 125 से 150 मिलीमीटर वर्षा के बाद देवरड़ सहित कई गांवों में सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। खेतों में कई फुट पानी जमा होने से किसानों की फसलें खतरे में पड़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थायी जल निकासी के इंतजाम नहीं किए गए। जिससे हर साल ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। पूर्व सरपंच रणवीर, सूरज जांगड़ा, रघुवीर, राजकुमार, कुलदीप और धर्मवीर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के बाद गांव में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि पानी खेतों और गांव के निचले इलाकों में जमा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। कई गांवों के हजारों एकड़ खेतों में भरा पानी ग्रामीणों के अनुसार, जलभराव के कारण देवरड़ गांव में लगभग 800 एकड़, किलाजफरगढ़ में करीब 150 एकड़, कमाच खेड़ा में लगभग 500 एकड़ और मालवी में करीब 1200 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हुई है। यदि पानी लंबे समय तक खेतों में खड़ा रहा, तो फसलें गलकर खराब हो सकती हैं। किसानों का कहना है कि वे पिछले 4 साल से लगातार इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों से तत्काल पंप और मोटर लगाकर पानी निकाला जाए। साथ ही, नालों और ड्रेनों की सफाई करवाकर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते खेतों से पानी नहीं निकाला गया, तो फसलें बर्बाद होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।