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जलालाबाद के सरकारी स्कूल में खूनी संघर्ष:प्रिंसिपल के सामने विवाद, 7वीं के छात्र का अंगूठा कटा, परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए आरोप
फाजिल्का जिले के जलालाबाद में एक सरकारी स्कूल परिसर के भीतर छात्रों के बीच आपसी विवाद में एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 12 वर्षीय छात्र पर स्कूल के ही दूसरे छात्र ने नुकीली चीज से हमला कर दिया, जिससे पीड़ित के एक हाथ का अंगूठा कटकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना स्कूल के प्रिंसिपल की मौजूदगी में हुई, जहां मामूली बात को लेकर शुरू हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी छात्र ने अचानक किसी तीखी व नुकीली वस्तु से वार कर दिया, जिससे पीड़ित का अंगूठा कट गया और खून की धार बहने लगी। घटना के तुरंत बाद स्कूल के ही एक अध्यापक ने मानवता दिखाते हुए लहूलुहान छात्र को इलाज के लिए जलालाबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में हुआ मेजर ऑपरेशन, अंगूठे को अलग करने का बना है खतरा अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल बच्चे की पहचान जसकरण सिंह के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के माता-पिता बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। बच्चे के पिता जश्न सिंह ने बताया कि उन्हें सिर्फ इतनी सूचना दी गई थी कि उनके बच्चे को सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा है, लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो दृश्य देखकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए तुरंत उसका ऑपरेशन किया और कटे हुए अंगूठे को बचाने के लिए उसमें तार (मेडिकल वायर) डालकर जोड़ने का प्रयास किया है। हालांकि, पिता ने बेहद भावुक होते हुए बताया कि डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और खतरा यह है कि यदि संक्रमण फैला तो अंगूठा हमेशा के लिए शरीर से अलग भी करना पड़ सकता है। परिजनों का आरोप; स्कूल प्रबंधन ने नहीं ली सुध, सिर्फ नाम काटने की दे रहे दलील इस बेहद दुखद और गंभीर हादसे के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित छात्र और उसकी माता ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब सरकारी शिक्षण संस्थानों के भीतर ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो उन्हें कहाँ भेजा जाए। इसके साथ ही पिता जश्न सिंह ने स्कूल प्रबंधन पर संवेदनहीनता का बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी अनहोनी होने के बावजूद स्कूल के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या प्रबंधक ने उनके बच्चे की सुध नहीं ली और न ही कोई इलाज का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचा। परिवार का कहना है कि स्कूल प्रशासन इस गंभीर आपराधिक कृत्य को दबाने के लिए सिर्फ आरोपी छात्र का नाम स्कूल से काटने की दलील दे रहा है, जो कि नाकाफी है। डॉक्टरों ने पुलिस को भेजी एमएलआर, इंसाफ के लिए सख्त कार्रवाई की मांग इस पूरे मामले पर सरकारी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि उनके यहाँ 12 वर्षीय बच्चा जसकरण सिंह गंभीर हालत में भर्ती हुआ है, जिसके एक हाथ के अंगूठे पर धारदार या नुकीली चीज से कटने के गहरे निशान हैं। बच्चे को प्राथमिक उपचार और सर्जरी देने के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा नियमानुसार इस घटना की लिखित सूचना स्थानीय पुलिस को भेज दी गई है (एमएलआर काट दी गई है)। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी छात्र और लापरवाही बरतने वाले स्कूल स्टाफ के खिलाफ पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।