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UP के किसानों के लिए जरूरी खबर, सरकारी केंद्र पर धान रिजेक्ट हुआ तो घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम, दोबारा होगी जांच

UP Paddy Procurement 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने जा रहे किसानों के लिए काम की खबर है. अगर क्रय केंद्र पर आपके धान को गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप नहीं बताते हुए वापस कर दिया जाता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. किसान इस फैसले के खिलाफ दोबारा जांच की मांग कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें 48 घंटे के भीतर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के पास अपील करनी होगी. इसके बाद एक समिति धान की गुणवत्ता की फिर से जांच करेगी. यानी धान को अमानक बताकर लौटाए जाने पर किसानों के पास अपनी बात रखने का मौका रहेगा.
धान रिजेक्ट होने पर किसानों को मिला 48 घंटे का मौका
सरकारी क्रय केंद्र पर अगर किसी किसान का धान गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरता है और उसे वापस कर दिया जाता है, तो किसान इसके खिलाफ अपील कर सकता है. इसके लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की गई है. किसान को इस अवधि के भीतर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी. इसके बाद मामले की दोबारा जांच की प्रक्रिया शुरू होगी.
कौन-सी समिति करेगी धान की दोबारा जांच?
किसान की अपील मिलने के बाद धान की गुणवत्ता जांचने के लिए एक समिति बनाई जाएगी. इसमें मंडी सचिव, क्रय केंद्र प्रभारी और दो स्वतंत्र किसान शामिल होंगे. यह समिति दोबारा धान की गुणवत्ता की जांच करेगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गुणवत्ता के नाम पर किसी किसान को बेवजह परेशान न होना पड़े.
हर क्रय केंद्र पर मिलेगी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा
किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी क्रय केंद्रों पर शिकायत पंजिका उपलब्ध कराई गई है. किसान खरीद से जुड़ी किसी भी परेशानी को इसमें दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा सभी क्रय केंद्रों की जियो टैगिंग भी की गई है. इंस्पेक्शन एप के माध्यम से केंद्रों की निगरानी की जाएगी, ताकि खरीद प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके.
धान बेचने जाने से पहले किसान जरूर कर लें ये काम
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने जाने से पहले अपना पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन जरूर करा लें. इससे खरीद के दौरान होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है. किसानों को धान की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का भी ध्यान रखना चाहिए.
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