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मैहर में हाथी ने फसल और घरों को नुकसान पहुंचाया:मैहर में 15 दिन से वन विभाग को छका रहा ई-5; घरों में तोड़फोड़ की
बांधवगढ़ नेशनल पार्क से आया कॉलर आईडी वाला जंगली हाथी ई-5 (सी-4) ने 20-21 सितंबर की रात गैलहरी गांव में धान की खड़ी फसल रौंद दी। हाथी ने कुछ घरों में भी तोड़फोड़ की और अंदर रखा गेहूं-मटर खा गया। पिछले 15 दिनों से यह हाथी मैहर वन मंडल के अमरपाटन रेंज में घूम रहा है। वन विभाग कॉलर आईडी के जरिए लगातार उसकी निगरानी कर रहा है। बाणसागर चैनल तैरकर अमरपाटन पहुंचा हाथी 7-8 सितंबर की रात अमरपाटन क्षेत्र में पहुंचा था। इससे पहले उसने बाणसागर डैम के करीब 5 किलोमीटर लंबे वाटर चैनल को तैरकर पार किया था। इसके बाद से वह अमरपाटन रेंज के जंगल और आबादी वाले इलाकों में घूम रहा है। 20-21 सितंबर की रात हाथी गोरसरी पहाड़ के कक्ष क्रमांक 601 और 605 से उतरकर गैलहरी गांव पहुंचा। यहां उसने खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया और कुछ घरों में तोड़फोड़ की। तीन किसानों की धान की फसल खराब रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी के मुताबिक, हाथी ने नईबस्ती-गैलहरी निवासी श्यामबाई पति रामखेलावन साकेत के करीब 0.25 हेक्टेयर खेत में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसी तरह सुग्रीव पिता रामखेलावन साकेत के करीब 0.25 हेक्टेयर और बुद्धसेन पिता सोनीलाल साकेत के करीब 0.10 हेक्टेयर खेत की धान की फसल भी हाथी ने रौंद दी। कच्चे घर का गेट और दीवार तोड़ी हाथी ने गोरसरी खुर्द निवासी रामबहोर पिता सुखई रावत के कच्चे घर का गेट और दीवार तोड़ दी। घर की बाउंड्री की दीवार और कच्चे मकान का टीन गेट भी क्षतिग्रस्त हुआ। हाथी ने घर में रखा गेहूं और मटर भी खा लिया। नईबस्ती-गैलहरी निवासी सोनीलाल मुंडा साकेत के पक्के मकान की बाउंड्री का गेट भी हाथी ने तोड़ दिया। ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की सलाह कॉलर आईडी से हाथी की लोकेशन मिलने पर रेंजर प्रफुल्ल त्रिपाठी की अगुवाई में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस बल भी मौजूद रहा। टीम ने ग्रामीणों को हाथी के पास नहीं जाने और सुरक्षित रहने की समझाइश दी। वन विभाग आबादी क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। ग्रामीणों से हाथी के नजदीक जाकर फोटो या वीडियो नहीं बनाने के लिए भी कहा गया है।