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बुर्का पहनकर निकले 2 छात्र, पुलिस को हुआ शक, थाने पहुंचते ही खुली पूरी कहानी

UP News: वाराणसी के मलदहिया चौराहे पर 13 अगस्त को पुलिस ने बाइक सवार दो युवकों को संदिग्ध हालात में रोक लिया. बाइक पर पीछे बैठे युवक ने बुर्के के साथ नकाब और चश्मा पहन रखा था. तिरंगा यात्रा के दौरान इस तरह की वेशभूषा देखकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो मौके पर भीड़ जुट गई. मामला गंभीर होता देख दोनों युवकों को थाने ले जाया गया. इसके बाद पूछताछ में बुर्के के पीछे की पूरी कहानी सामने आई.
रील बनाने के लिए अपनाया था बुर्के वाला लुक
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक 12वीं कक्षा के छात्र हैं और किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं थे. दोनों बुर्का और नकाब पहनकर इमलिया घाट की ओर जा रहे थे. उनका मकसद वहां प्रैंक रील और वीडियो शूट करना था. सोशल मीडिया के लिए अलग तरह का कंटेंट तैयार करने के चक्कर में पीछे बैठे छात्र ने बुर्का और चश्मा पहन रखा था. चौराहे पर पुलिस की नजर पड़ते ही उनका वीडियो बनाने का प्लान थाने तक पहुंच गया.
पूछताछ के बाद छात्रों को परिजनों के हवाले किया
मामला थाने पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने दोनों छात्रों से विस्तार से पूछताछ की. एसीपी चेतगंज और इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने भी उनसे जानकारी ली. पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान दोनों के पास से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ. इसके बाद उनके परिजनों को थाने बुलाया गया और पूरे मामले की जानकारी दी गई. जांच में किसी साजिश या अन्य संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिलने पर पुलिस ने दोनों छात्रों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया.
बुर्के की वजह से नहीं, मॉडिफाइड साइलेंसर से फंसी बाइक
रील के चक्कर में दोनों छात्रों की बाइक हालांकि पुलिस के पास रह गई. पुलिस के अनुसार बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा हुआ था, जिसके चलते वाहन को सीज कर दिया गया. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. बाद में जांच से साफ हुआ कि बुर्के के पीछे कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं, बल्कि रील बनाने निकला 12वीं का छात्र था. मामले में पुलिस ने छात्रों को छोड़ दिया, लेकिन बाइक सीज रही.
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