Sunday, 6 September 2026
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17 जिंदगियां बचाने वाले ACP को बादली की कमान:पुलिस सेवा में बहादुरी के लिए राष्ट्रीय पुलिस वीरता पदक से सम्मानित, कुश्ती के अखाड़े में भी जीते अंतरराष्ट्रीय पदक; गुभाना के दंगल में पहुंचे

INT News6 September 2026 at 02:52 pm

झज्जर में रहते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पुलिस वीरता के लिए सम्मानित और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में देश का नाम रोशन कर चुके एसीपी प्रदीप खत्री ने अब बादली में जिम्मेदारी संभाल ली है। पुलिस सेवा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले प्रदीप खत्री के बादली पहुंचने से क्षेत्र में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। एसीपी प्रदीप ने गुभाना गांव में गोगा नवमी के अवसर पर आयोजित विशाल कुश्ती दंगल में पहुंचे। उन्होंने अखाड़े में पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबलों की शुरुआत कराई। दंगल में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहलवान और ग्रामीण पहुंचे थे। पुराने कार्यकाल को याद कर ग्रामीणों ने किया सम्मानित गुभाना में ग्रामीणों और आयोजकों ने एसीपी प्रदीप खत्री का उनके पुराने कार्यकाल और सेवाओं को याद करते हुए सम्मान किया। पुलिस अधिकारी के साथ-साथ पहलवान और खेल प्रेमी के रूप में उनकी पहचान का असर दंगल के माहौल में भी साफ नजर आया। प्रदीप खत्री की पहचान केवल पुलिस अधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि एक बेहतरीन पहलवान और कुश्ती प्रशिक्षक के रूप में भी रही है। वर्ष 2025 में अमेरिका के बर्मिंघम, अलबामा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में उन्होंने 97 किलो फ्रीस्टाइल में सिल्वर और ग्रीको-रोमन कुश्ती में कांस्य पदक जीता था। इससे पहले 2022 में नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में भी वह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। पुलिस सेवा में भी साहस की मिसाल प्रदीप खत्री के पुलिस करियर की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2008 में बतौर इंस्पेक्टर हरियाणा पुलिस में सेवाएं शुरू की थीं और वर्ष 2020 में डीएसपी पद पर पदोन्नत हुए। उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री से सम्मानित किया जा चुका है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान झज्जर में पैदा हुए तनावपूर्ण हालात में भी प्रदीप खत्री ने साहस का परिचय दिया था। झज्जर की छोटूराम धर्मशाला में आगजनी के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भूमिका निभाई थी। इसी तरह बहादुरगढ़ में मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान करीब एक क्विंटल चरस की बरामदगी भी उनके कार्यकाल की चर्चित कार्रवाई में शामिल रही। हरियाणा में हर दूसरे घर में पहलवान और फौजी मिलेगा” गुभाना के दंगल में खिलाड़ियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एसीपी प्रदीप खत्री ने हरियाणा की खेल संस्कृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल, खिलाड़ी, किसान और जवानों का प्रदेश है। यहां हर दूसरे घर में आपको कोई पहलवान या फौजी मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन किया है। युवाओं को खेलों से जुड़ने और नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। पहलवान से पुलिस अधिकारी तक का सफर प्रदीप खत्री स्वयं कुश्ती के अखाड़े से निकले हैं और भारतीय कुश्ती टीम के कोच तथा अंतरराष्ट्रीय कुश्ती कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं। वर्ष 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक वह उस समय बहादुरगढ़ में एसीपी के पद पर तैनात थे और अंतरराष्ट्रीय पुलिस एवं फायर गेम्स में दो पदक जीतकर लौटे थे। उनकी खेल उपलब्धियों और व्यक्तित्व का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र देओल भी उन्हें स्नेहपूर्वक अपना बेटा बताते थे—यह बात भी प्रदीप खत्री के जीवन से जुड़ी चर्चित यादों में शामिल है। अब बादली में एसीपी के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है। पुलिस सेवा का अनुभव, खेलों से जुड़ाव और ग्रामीण परिवेश से मजबूत रिश्ता—इन तीनों का मेल बादली क्षेत्र में उनकी भूमिका को खास बनाता है।