Saturday, 19 September 2026
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करनाल में जाट महासभा चुनाव को लेकर खींचतान:भूपेंद्र लाठर पर उठाए सवाल, धर्मशाला में कल बुलाई महापंचायत

INT News19 September 2026 at 01:59 pm

करनाल में जाट महासभा के आगामी चुनाव को लेकर शनिवार को करनाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पूर्व प्रधान भूपेंद्र सिंह लाठर की ओर से चुनाव को लेकर की गई प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। वक्ताओं ने कॉलेजियम बनाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। वहीं 20 सितंबर को जाट धर्मशाला में होने वाली महापंचायत में सभा के गठन, सदस्यों, मतदाताओं और कॉलेजियम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही गई। हाल में भूपेंद्र लाठर को प्रधान पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। महासभा कब बनी, कौन सदस्य और वोटर था, महापंचायत में होगी चर्चा

वक्ताओं ने कहा कि 20 सितंबर की महापंचायत में यह मुद्दा उठाया जाएगा कि जाट सभा कब बनी थी और उस समय कौन-कौन सदस्य बने थे। इसके अलावा कौन लोग वोटर होने चाहिए थे और कॉलेजियम किस व्यवस्था के तहत बनना चाहिए था, इस पर भी समाज के लोग अपनी बात रखेंगे। उनका आरोप है कि कॉलेजियम की व्यवस्था में बदलाव कर उसे अपने हिसाब से तैयार किया गया है। लाठर परिवार के लगातार प्रधान रहने पर भी उठे सवाल

समाज के एक तबके ने भूपेंद्र सिंह लाठर और उनके परिवार के लंबे समय से प्रधान पद पर रहने को लेकर सवाल उठाए। सूरजीत संधू ने कहा कि लाठर परिवार को पहले समाज के लोगों ने घर से बुलाकर प्रधान बनाया था। उनके अनुसार दो कार्यकाल तक प्रधान रहने के बाद तीसरी बार भूपेंद्र लाठर के पिता ने समाज से भूपेंद्र को प्रधान बनाने की अपील की थी।

संधू के मुताबिक उस समय यह भी कहा गया था कि यदि भूपेंद्र लाठर को कांग्रेस की टिकट मिल जाती है तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा दिलवा दिया जाएगा। उनके अनुसार टिकट नहीं मिलने के बाद भी भूपेंद्र लाठर ने पद नहीं छोड़ा। दिल्ली, गुरुग्राम और मुजफ्फरनगर तक कॉलेजियम होने का आरोप

सूरजीत संधू ने आरोप लगाया कि कॉलेजियम अपनी सुविधा के हिसाब से बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें दिल्ली, गुरुग्राम और मुजफ्फरनगर तक के कॉलेजियम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जाट धर्मशाला जिला करनाल के जाट समाज के सहयोग से बनी है।

संधू ने बताया कि 23 अगस्त को आम सभा की बैठक हुई थी। इसमें असंध क्षेत्र से प्रधान बनाए जाने की बात रखी गई थी और समाज के लोगों ने इसका समर्थन भी किया था। उनके अनुसार उस दिन भूपेंद्र लाठर ने यह नहीं बताया कि वह दो-तीन दिन में चुनाव घोषित करने जा रहे हैं। आरोप है कि बाद में अपनी कार्यकारिणी में सर्वसम्मति से खुद को प्रधान पद का उम्मीदवार घोषित कर समाज को गुमराह किया गया। प्रधान के लिए दो कार्यकाल और 45 साल की उम्र का नियम

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रधान पद के लिए समाज में तय नियमों का पालन होना चाहिए। सूरजीत संधू के अनुसार, नियम के मुताबिक कोई व्यक्ति दो बार से ज्यादा प्रधान नहीं बन सकता। 45 वर्ष से कम उम्र का व्यक्ति प्रधान नहीं बनना चाहिए और राजनीतिक पार्टी से जुड़े व्यक्ति को भी प्रधान नहीं बनाया जाना चाहिए। इन मुद्दों को लेकर समाज में चर्चा चल रही है। धर्मशाला में नाम का पत्थर लगाने पर भी जताई आपत्ति

सूरजीत संधू ने धर्मशाला में लगाए गए पत्थर पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जाट धर्मशाला समाज के लोगों ने एक-एक पैसा जोड़कर बनाई है। ऐसे में किसी व्यक्ति के नाम का पत्थर नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा की अन्य धर्मशालाओं में ऐसी परंपरा नहीं रही है। संधू ने भूपेंद्र लाठर को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना भी की। असंध समेत पांचों जोनों की राय के बाद तय होगी आगे की दिशा

सूरजीत संधू ने कहा कि समाज में इस बार असंध से प्रधान बनाए जाने की इच्छा सामने आई है। असंध, करनाल और घरौंडा के बाद जुंडला व इंद्री में भी बैठकें की गई हैं। अब 20 सितंबर को करनाल की जाट धर्मशाला में जिला स्तरीय बैठक होगी। इसमें समाज के लोग अपनी राय रखेंगे और सर्वसम्मति से प्रधान चुनने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले लाठर परिवार को समझाने का प्रयास किया जाएगा। यदि सहमति नहीं बनती तो समाज सामूहिक रूप से जो निर्णय लेगा, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। बैठक में चुनाव में पारदर्शिता, समाज की सहमति और सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया गया। हाल की बैठकों में गैर-राजनीतिक प्रधान की मांग भी सामने आई है।