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गुरुग्राम में ओवरथिंकिंग पर ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय का कार्यक्रम:प्रो. ओंकार चंद बोले- उपलब्धियों की दौड़ में मानसिक शांति और संतुलन न खोएं
गुरुग्राम के डीएलएफ-5 स्थित द कैमेलियास आवासीय परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया। यह सत्र 'ओवरकमिंग ओवरथिंकिंग: मानसिक कोलाहल से आंतरिक शांति की ओर' विषय पर था। कार्यक्रम में शहर के उद्योगपतियों, कॉरपोरेट जगत से जुड़े लोगों और कई परिवारों ने हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता माउंट आबू से आए अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता और 'द वर्ल्ड रिन्यूअल' पत्रिका के संपादक राजयोगी प्रोफेसर ओंकार चंद थे। कार्यक्रम की शुरुआत में अनुभूति भवन, डीएलएफ फेज-2 से आईं बीके रेवती दीदी और बीके रत्नाकर भाई ने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस दौरान बीके सोनम बहन और बीके आराधना बहन भी मौजूद थीं। भागदौड़ के कारण नकारात्मक विचारों में फंस रहे लोग : प्रोफेसर ओंकार चंद प्रोफेसर ओंकार चंद ने कहा कि आधुनिक जीवन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ के कारण लोग अनावश्यक और नकारात्मक विचारों में फंस रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगर उपलब्धियां हासिल करने की दौड़ में मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति खो जाए, तो ऐसी उपलब्धियों का महत्व कम हो जाता है। उन्होंने मन की सहज प्रसन्नता को जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी बताया। प्रोफेसर ओंकार चंद ने सकारात्मक सोच और मुस्कुराते रहने का स्वभाव अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों से कई व्यावहारिक गतिविधियां कराई गईं। उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, अनावश्यक चिंताओं को छोड़ने और खुद को बेहतर कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने का अभ्यास कराया गया। इसके बाद सामूहिक राजयोग ध्यान का आयोजन हुआ। ध्यान के दौरान प्रतिभागियों ने शांति और सुकून का अनुभव किया।