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फर्रुखनगर में बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन:निजीकरण का विरोध, सुखबीर तंवर बोले- सरकार का सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का षड्यंत्र
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कार्यालय परिसर में बिजली निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखबीर जे. तंवर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर बिजली कर्मचारियों और किसानों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने सरकार से बिजली निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। सरकार किसान- कर्मचारी हितों की अनदेखी कर रही : तंवर धरने को संबोधित करते हुए सुखबीर जे. तंवर ने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सेवा का निजीकरण सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का षड्यंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। तंवर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसानों और कर्मचारियों को बर्बाद कर निजीकरण को सफल नहीं होने देगी। तंवर ने हरियाणा एग्रो डिस्कॉम निगम के गठन को किसानों और कर्मचारियों के हितों पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर बदलने और नई योजनाओं के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली वितरण व्यावसायिक नहीं, जनता का अधिकार तंवर ने कहा कि, बिजली वितरण केवल एक व्यावसायिक सेवा नहीं, बल्कि आम जनता का मूलभूत अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए, न कि निजी कंपनियों का मुनाफा। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि बिजली निजीकरण से किसानों को महंगी बिजली मिलेगी, उपभोक्ताओं के प्रति जवाबदेही कम होगी और कर्मचारियों को ठेका प्रथा व सेवा सुरक्षा पर गंभीर खतरों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस इस नीति का पुरजोर विरोध करती है और किसानों तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। धरने पर यह लोग रहे मौजूद धरने की अध्यक्षता सुखबीर सिंह सीए ने की। इस अवसर पर बिजली कर्मचारी यूनियन के प्रधान अशोक लांबा, पूर्व प्रधान राजकुमार जेई, सुशील प्रधान, रविंद्र जेई, नसीब जेई, आशीष शर्मा, रजनीश, हरिकिशन, राजेंद्र और नवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी, किसान एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।