समाचार · मध्य प्रदेश
विधायक अनुभा मुंजारे ने किया पति का बचाव:कहा- पूर्व सांसद न रैली में थे, न उपद्रव में; पुलिस ने पूर्वाग्रह में नाम जोड़ा
बालाघाट के किरनापुर थाने में 15 सितंबर को हुए पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे का नाम FIR में आने पर विधायक अनुभा मुंजारे ने उनका बचाव किया है। सोमवार शाम सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पुलिस पर पूर्वाग्रह से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि उनके पति न तो रैली में शामिल थे और न ही उपद्रव में, फिर भी उनका नाम FIR में जोड़ा गया। गर्भवती महिला की पिटाई के विरोध में हुआ था प्रदर्शन किरनापुर में गर्भवती महिला और उसके पति के साथ पुलिस की कथित मारपीट के विरोध में 15 सितंबर को मरार माली समाज ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान थाने में पथराव और तोड़फोड़ हुई थी। पुलिस ने बाद में घटना के संबंध में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे समेत 63 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। विधायक बोलीं- शांतिपूर्ण आंदोलन के बाद उपद्रव हुआ अनुभा मुंजारे ने कहा कि गर्भवती महिला और उसके पति को चोरी के आरोप में थाने ले जाकर पीटे जाने के विरोध में समाज ने आंदोलन किया था। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने थाने में उपद्रव किया। विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने समाज के अध्यक्ष और पूर्व सांसद पर भी मामला दर्ज कर दिया। कंकर मुंजारे के रैली में शामिल होने से इनकार विधायक ने कहा कि पूर्व सांसद कंकर मुंजारे न रैली में शामिल थे और न ही थाने में हुए उपद्रव में। उन्होंने पुलिस से घटना के वीडियो और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर जांच करने की मांग की। विधानसभा में मामला उठाने की बात कही अनुभा मुंजारे ने कहा कि पुलिस को पहले उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करनी चाहिए थी और उसके बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई का विरोध करेगी और वह मामले को विधानसभा में उठाएंगी। पुलिस पर पुरानी घटना को लेकर भी सवाल विधायक ने कहा कि कुछ महीने पहले उनके घर के सामने प्रदर्शन कर पूर्व सांसद का पुतला जलाया गया था और गाली-गलौज की गई थी। उन्होंने सवाल किया कि उस मामले में पुलिस ने कितने लोगों पर कार्रवाई की थी। उन्होंने पुलिस से किरनापुर मामले में दर्ज FIR पर फिर से जांच करने की मांग की।