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भिवानी में सूखे जैसे हालात का दावा:किसानों ने स्पेशल गिरदावरी की मांग उठाई, 60 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा मांगा
भिवानी जिले में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात बन गए हैं। फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसी को लेकर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा और पावर ग्रिड बनाम किसान संघर्ष समिति ने सोमवार को तोशाम कस्बे में प्रदर्शन किया। किसानों ने एसडीएम तोशाम संदीप कुमार के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें भिवानी जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई। प्रदर्शन की अध्यक्षता ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष राज सिंह धनाना और युवा जिला प्रधान भागुराम तोशाम ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव मा. रघुबीर सिंह भेरा और जिला सचिव जंगवीर अलखपुरा ने किया। इस पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने किया। 'अगली फसल की बुवाई करने में असमर्थ' एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने बताया कि बारिश न होने से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। किसानों ने खेती में अपनी पूरी लागत और मेहनत लगाई थी, लेकिन सूखे के कारण उन्हें कुछ नहीं मिला। अब किसान अगली फसल की बुवाई करने में भी असमर्थ हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत मौके पर जाकर स्पेशल गिरदावरी का आदेश दे। पीड़ित किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 60 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपने परिवार का गुजारा कर सकें और अगली फसल बो सकें। खाद और पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया ज्ञापन में किसानों ने खाद और पानी की कमी का मुद्दा भी उठाया। तालु ने सरकार से मांग की कि किसानों को डीएपी और यूरिया खाद समय पर मिले। इस पर लगाई गई अनावश्यक शर्तें तुरंत हटाई जाएं। इसके अलावा, बुवाई के समय नहर के पानी की सप्लाई बढ़ाने और पर्याप्त पानी की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही, बिजली टावरों को लेकर चल रहे किसानों के धरने की मांगों को भी जल्द पूरा करने को कहा गया। '60 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा नहीं दिया' ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु ने सरकार के प्रति कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिले का किसान इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ बारिश न होने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, वहीं दूसरी तरफ लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है। किसानों ने अपनी गाढ़ी कमाई खेतों में लगा दी, लेकिन सूखे ने सब कुछ तबाह कर दिया। यदि सरकार ने जल्द से जल्द भिवानी जिले को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया, मौके पर स्पेशल गिरदावरी करवाकर 60 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा नहीं दिया, और डीएपी-यूरिया खाद व नहरी पानी की समुचित व्यवस्था नहीं की, तो किसान चुप नहीं बैठेंगे। हम अपने अधिकारों के लिए इस आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। ये पदाधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर संगठन महामंत्री राजपाल चाहर, कैप्टन अशन सांगवान, युवा प्रदेश अध्यक्ष युद्धवीर सिह खरेटा, ईश्वर बागनवाला, अनिल बागनवाला, राजबीर दुहन, बहादुर सिंह अलखपुरा, मुकेश नंबरदार, दयानंद हवलदार, रामबीर फौजी, जयपाल, रामफल, कृष्ण नंबरदार थिलौड़, कौर सिंह नंरबदार, सुरेंद्र कुमार, कर्मवीर सिंह,ख्रामचंद्र श्योराण सहित अनेक किसान मौजूद रहे।