Monday, 21 September 2026
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दंदरौआ में डॉ.हनुमान के दर्शन से पहले नेताओं की झांकी:परिसर में नेताओं के फोटो वाले होर्डिंग-बैनर, गर्भगृह के आसपास तक लगाए

INT News21 September 2026 at 09:29 pm

भिंड में बुढ़वा मंगल पर डॉ. हनुमान के दर्शन के लिए दंदरौआधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लाखों में रहेगी। इस बार भक्त हनुमान के दर्शन से पहले नेता के दर्शन करेंगे। कारण यह है कि मंदिर परिसर के चारों तरफ नेताओं के फोटो वाले होर्डिंग-बैनर लगाए गए हैं। प्रचार सामग्री मंदिर के प्रमुख हिस्सों से लेकर गर्भगृह के आसपास तक नजर आ रही है। ऐसे में धार्मिक आयोजन का पूरा परिसर राजनीतिक प्रचार का मंच बना दिखाई दे रहा है। हालांकि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए इंतजाम किए हैं, लेकिन इन व्यवस्थाओं के बीच नेताओं की विज्ञापन सामग्री ने पूरे परिसर की तस्वीर बदल दी है। बुढ़वा मंगल पर दंदरौआधाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आज रात 12 बजे के बाद डॉ. हनुमान के दर्शन कराने का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, आवागमन सुचारू रखने और सुरक्षा के लिए प्रशासन-पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन से पहले नेताओं के फोटो

मंदिर की ओर बढ़ते ही श्रद्धालुओं को जगह-जगह नेताओं के फोटो वाले होर्डिंग-बैनर दिखाई दे रहे हैं। इनमें शुभकामना संदेशों के साथ नेताओं की तस्वीरें प्रमुखता से लगाई गई हैं। स्थिति यह है कि मंदिर परिसर के आसपास धार्मिक आयोजन से ज्यादा राजनीतिक चेहरों वाली प्रचार सामग्री नजर आ रही है। गर्भगृह के आसपास तक प्रचार सामग्री पहुंचने से यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि धार्मिक स्थल को राजनीतिक विज्ञापन के लिए इस्तेमाल करने की सीमा क्या होनी चाहिए। प्रशासन की व्यवस्था, परिसर में विज्ञापन का रंग

बुढ़वा मंगल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने पार्किंग, सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण समेत कई व्यवस्थाएं की हैं। लेकिन दूसरी ओर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में लगाए गए होर्डिंग-बैनर आयोजन को अलग ही रंग देते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, मगर परिसर में चारों तरफ नेताओं की तस्वीरें और प्रचार सामग्री दिखाई देगी। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे धार्मिक आयोजन का परिसर नेताओं की विज्ञापनबाजी के इवेंट में तब्दील हो गया हो। महंत से चर्चा की कोशिश, फोन रिसीव नहीं हुआ

इस संबंध में धार्मिक स्थल के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज से चर्चा करने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। मंदिर परिसर में राजनीतिक प्रचार सामग्री लगाए जाने को लेकर उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।