Monday, 21 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · छत्तीसगढ़

डीजे की तेज-आवाज से चार-घंटे तक खतरे में रही प्रसूता:हॉस्पिटल के पास भजन कार्यक्रम, आयोजकों ने कम करने के बजाय बढ़ाया साउंड

INT News21 September 2026 at 09:43 pm

अंबिकापुर के देवेश्वर कॉलोनी में संचालित प्राइवेट हॉस्पिटल में डीजे के तेज आवाज से एक प्रसूता का बीपी खतरनाक तरीके से बढ़ गया और उसकी हालत बिगड़ गई। लगभग चार से पांच घंटे तक तेज आवाज के बीच प्रसूता को नार्मल करने के लिए डॉक्टर जूझते रहे। हॉस्पिटल की संचालक ने नर्स को भेजकर आयोजकों से साउंड कम करने के लिए कहा तो उन्होंने साफ मना कर दिया और साउंड और बढ़ा दिया। डीजे की आवाज बंद होने के बाद प्रसूता की स्थिति में सुधार आया और वह सामान्य हो गई। जानकारी के मुताबिक, रविवार को शहर के देवेश्वर कालोनी स्थित आरोग्य निकेतन हॉस्पिटल में एक प्रसूता की डिलीवरी कराई गई थी। प्रसूता और नवजात बच्चे को दोपहर लगभग 3.30 बजे वार्ड में शिफ्ट किया गया था। इस बीच अचानक प्रसूता का बीपी अचानक ही बढ़ने लगा। डॉक्टर उसका ब्लड प्रेशन नार्मल करने की कोशिश कर रहे थे। डीजे की तेज आवाज से बिगड़ी हालत हॉस्पिटल की प्रबंधक डा. किरण अग्रवाल ने बताया कि मरीज का ब्लड प्रशेर बढ़कर 180-120 तक पहुंच गया। उन्होंने गणेश पंडाल में तेज आवाज में भजन कीर्तन और डीजे के साउंड को कम करने के लिए आयोजनकर्ताओं के पास अपनी नर्स को भेजा। नर्स ने मरीज की स्थिति बताते हुए आयोजनकर्ताओं से साउंड कम करने का आग्रह किया। आयोजनकर्ताओं ने साउंड कम करने से इनकार कर दिया और कहा कि यदि दिक्कत है तो वे अपने मरीज को दूसरी तरफ शिफ्ट कर लें। इतना ही नहीं आयोजनकर्ताओं ने डीजे के साउंड को और भी तेज कर दिया। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल के सभी खिड़की, दरवाजे बंद करने के बाद भी आवाज में कोई कमी नहीं हुई कार्यक्रम शाम 6 बजे से रात के 10 बजे तक जारी रहा और इस दौरान पूरे समय महिला की जान खतरे में पड़ी रही। चिकित्सक के साथ ही परिजन मरीज के समक्ष बैठकर उसकी देखभाल करते रहे। रात को डीजे बंद होने के बाद धीरे धीरे प्रसूता की स्थिति सामान्य हुई। होनी चाहिए मानवता-डा. किरण आरोग्य निकेतन की डा. किरण अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक आयोजन का हम विरोध नहीं कर रहे है लेकिन एक मरीज की जान तेज डीजे के कारण खतरे में पड़ गई थी। मैंने स्वयं मरीज के पास बैठी थी। पैसेंट का बीपी लगातार बढने से ब्रेन हेमरेज और जान का खतरा था। ऐसे मामलों में कम से कम मानवता होनी चाहिए। कार्डियक अरेस्ट का होता है खतरा ईएनटी विशेषज्ञ डा. शैलेंद्र गुप्ता ने कहा कि डीजे की तेज आवाज 120 डेसिबल से ऊपर यदि लगातार कान में जाती है तो मरीज का हार्ट रेट बढ़ जाता है, कार्डियक अरेस्ट के साथ ही बीपी बढने से खून की नली फटने की आशंका रहती है। अस्पताल साइलेंस जोन है। ऐसे में इन क्षेत्रों में इसका पालन होना चाहिए। इसे लेकर सख्त नियम हैं। लगातार हो रही कार्रवाई-एसपी SSP राजेश अग्रवाल ने कहा कि तेज आवाज में डीजे बजाने के मामले में शिकायत मिलने पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। यदि इस मामले में शिकायत आती है तो निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।