समाचार · मध्य प्रदेश
सटई में बिजली से झुलसी महिला की मौत:डॉक्टर और एम्बुलेंस नहीं मिलने के विरोध में दूसरे दिन भी बाजार बंद रहा
छतरपुर के सटई में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। आकाशीय बिजली से झुलसी एक महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई, जिसके बाद शुक्रवार शाम ग्रामीणों ने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। शनिवार को भी प्रदर्शन जारी रहा और व्यापारियों ने बाजार बंद रखकर प्रदर्शन का समर्थन किया। जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे हुई। वार्ड क्रमांक 14 भडन पुरवा निवासी 38 वर्षीय राजकुमारी पटेल (पति रामेश्वर पटेल) आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गईं। परिजन उन्हें तुरंत सटई के सरकारी अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसके अलावा, उन्हें एम्बुलेंस भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे महिला को तत्काल उपचार नहीं मिल सका। जिला अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
इसके बाद परिजन राजकुमारी पटेल को एक निजी वाहन से जिला अस्पताल छतरपुर ले जाने लगे। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राजकुमारी पटेल की मौत की खबर सटई पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने बस स्टैंड पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शनिवार को भी यह आंदोलन जारी रहा। सटई का बाजार पूरी तरह बंद रहा और व्यापारियों ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। ग्रामीण अस्पताल में नियमित डॉक्टरों की तैनाती, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद अध्यक्ष का भी प्रदर्शन को समर्थन
इस प्रदर्शन में सटई नगर परिषद अध्यक्ष माया शर्मा के पति और भाजपा नेता राजेश शर्मा भी शामिल हुए। वे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली के विरोध में धरने पर बैठ गए। राजेश शर्मा को केंद्रीय मंत्री एवं टीकमगढ़ सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार का करीबी माना जाता है। उन्होंने अस्पताल की खराब व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।