Tuesday, 11 August 2026
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ग्वालियर की बदहाल सड़कों का हाईकोर्ट ने मांगा हिसाब:कोर्ट खुद सैंपल टेस्ट के लिए खुदाई कराएगा; सड़कों पर हुए खर्च का जवाब किया तलब

INT News11 August 2026 at 08:37 pm

​ग्वालियर की उखड़ी और गड्डों में तब्दील हो चुकी सड़कों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। अब सिर्फ कागजी दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर उतरकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोली जाएगी। हाईकोर्ट ने साल 2021 से 2026 तक शहर की सड़कों पर लगे एक-एक सरकारी पैसे का हिसाब मांगा है। ​सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर की जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कर दिया है कि करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाने के बाद भी सड़कें जर्जर क्यों हैं, इसका जवाब अब अफसरों को देना होगा। ​हाईकोर्ट के 5 बड़े आदेश ​कागजों में दुरुस्त, जमीन पर ध्वस्त सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम ने शहर की सड़कों की स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में ही शहर की दर्जनों सड़कों की बदहाली का सच उजागर हो गया था। इसके बाद कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब हर साल मरम्मत और नए निर्माण पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, तो सड़कें पहली ही बारिश या कुछ महीनों में कैसे उखड़ जाती हैं? ​ इस मामले में जानकारी देत हुए याचिकाकर्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता सरकारी खजाने की बर्बादी और जनता की परेशानी पर अब जवाबदेही तय होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में किसी भी तरह की लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सीधे सैंपलिंग से पता चलेगा कि कितना भ्रष्टाचार हुआ है। गुरुवार को फिर होगी सुनवाई

​मामले में गुरुवार को फिर सुनवाई होनी है। तब तक विभागों को मांगे गए दस्तावेज और रिकॉर्ड तैयार करने होंगे। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख से नगर निगम, PWD और ठेकेदारों के सिंडिकेट में हड़कंप मच है।