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गोरक्षा दल का भिवानी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन:डीसी ऑफिस के बाहर धरना; बोले-चिकित्सा के अभाव में हुई कई जानवरों की मौत
भिवानी जिले में पशुपालन विभाग की कथित लापरवाही और बेसहारा पशुओं के लिए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की कमी के विरोध में गोरक्षा दल ने कड़ा रुख अपनाया है। गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और डीसी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान संजय परमार ने दो घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सेक्टर-13 में मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे एक बछड़े को कुत्तों ने घायल कर दिया था। गोरक्षा दल के सदस्यों ने बछड़े को उठाकर सुबह 7:15 बजे पॉलीक्लिनिक भिवानी पहुंचाया, लेकिन सुबह 8:10 बजे तक पॉलीक्लिनिक के दरवाजे पर ताले लटके मिले। समय पर इलाज न मिलने के कारण बछड़े की मौत हो गई। इसी तरह की एक अन्य घटना में, बामला गांव में सुबह 5 बजे एक सांड का एक्सीडेंट हो गया था। चिकित्सा सुविधा के अभाव में उसकी भी जान चली गई। बोले- अधिकारी और कर्मचारी गंभीर नहीं गोरक्षा दल भिवानी के प्रधान संजय परमार ने आरोप लगाया कि पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भिवानी जिले में पशु अस्पताल अक्सर समय पर नहीं खुलते, अधिकारी देर से आते हैं और समय से पहले ही घर चले जाते हैं। प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग परमार ने इस बात पर जोर दिया कि इंसानों के लिए तो 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होती है, लेकिन बेजुबान जानवरों के लिए भिवानी में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की मांग की।