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कोटवारों ने फटी वर्दी पहनकर काम करने से मना किया:बोले- ड्रेस की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाए, 31 अक्टूबर तक हड़ताल पर
सीहोर जिले में कोटवारों ने फटी वर्दी पहनकर काम करने से इंकार कर दिया है। उनकी हड़ताल का असर राजस्व के कामों पर पड़ा है। कोटवार तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांगों में सेवाभूमि का मालिक बनाना, सरकारी कर्मचारी घोषित करना और वर्दी की राशि सीधे बैंक खाते में देना शामिल है। सभी गांवों के ग्राम चौकीदार इस हड़ताल में शामिल हैं। कोटवारों की हड़ताल से किसानों के सीमांकन, बटवारा और कब्जा दिलाने जैसे काम रुक गए हैं। तहसीलदार, आरआई और पटवारी राजस्व विभाग का कोई भी जमीनी काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे किसानों को भी परेशानी हो रही है। 31 तारीख तक करेंगे हड़ताल मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के बुलावे पर पूरे प्रदेश में कोटवार हड़ताल पर हैं। सीहोर के कोटवार भी 31 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। 28 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ के जिला अध्यक्ष छगनलाल मालवीय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाकी वर्दी दी थी, लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे। कोटवारों की वर्दी फट चुकी है और राजस्व विभाग की सिली हुई वर्दी पहनने लायक नहीं है। इस प्रदर्शन में कई कोटवार साथी मौजूद रहे।