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खरगे के आवास पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग: कांग्रेस अध्यक्ष ने CEC के खिलाफ लगाए 6 आरोप, SIR रद्द करने की मांग

INDIA Bloc Public Impeachment : मॉक संसद की अगुआई पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की. जन-महाभियोग में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव पेश किया. इसमें उन्होंने 6 आरोप लगाए.
सीईसी को हटाकर SIR की प्रक्रिया रोकी जाए: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मॉक संसद में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाकर SIR की प्रक्रिया रोकी जाए. CEC के खिलाफ प्रतीकात्मक जन-महाभियोग के दौरान खरगे ने कहा कि वे घुसपैठियों को बचाने के लिए नहीं, बल्कि असली मतदाताओं के लिए लड़ रहे हैं.
SIR का मकसद BJP के विरोधियों के वोट हटाना : खरगे
खरगे ने कहा, ECI ने रातों-रात SIR की घोषणा कर दी. इसे पूरे देश में लागू किया गया, जिसका असल मकसद BJP के विरोधियों के वोट हटाना था. मोदी सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बाहरी लोगों और घुसपैठियों का बहाना ले रही है. उनका आरोप है कि हम घुसपैठियों को शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसा बिल्कुल नहीं है; हम तो बस असली और वैध मतदाताओं के नाम बने रहने की वकालत कर रहे हैं. हम ऐसा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कर रहे हैं.
2014 से, सत्ता हथियाने और उसे बनाए रखने के लिए साजिश रची गई : खरगे
2014 से, सत्ता हथियाने और उसे बनाए रखने के लिए हर मुमकिन साजिश रची गई है. इन्होंने सांसदों को तोड़ा है, राजनीतिक दलों को बिखेरा है, सरकारों को गिराया है, और इलेक्टोरल बॉन्ड, ED तथा CBI का इस्तेमाल किया है; और अब ये वोट भी चुरा रहे हैं. हमारे पास वोट चोरी के ऐसे सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं. 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की वजह से ज्ञानेश कुमार इस चोरी को अंजाम दे पा रहे हैं. यह कानून दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करके पारित किया गया था. यह बेहद शर्मनाक और अपमानजनक है. यह कानून चुनाव आयुक्तों को जीवन भर के लिए एक सुरक्षा कवच देता है—एक ऐसा सुरक्षा कवच जो देश के राष्ट्रपति या भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी हासिल नहीं है.