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नगर सुरक्षा समिति सदस्य से मारपीट में 3 गिरफ्तार:जेल से छूटकर पुलिस कमिश्नर जनसुनवाई में पहुंचा, पुलिस पर 30 हजार लेने का आरोप
इंदौर के हीरानगर इलाके में नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से मारपीट के मामले में गिरफ्तार हुए लॉ स्टूडेंट और उसके दो साथियों ने अब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तीनों को पुलिस ने शराब के नशे में गश्त कर रहे नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से विवाद और मारपीट के बाद गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। जमानत पर छूटने के दो दिन बाद लॉ स्टूडेंट अभिराज उर्फ विराज पाठक मंगलवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा और पुलिसकर्मियों पर बर्बरता से मारपीट करने तथा 30 हजार रुपए लेने के आरोप लगाए। मामले की जांच एसीपी रूबीना मिजवानी कर रही हैं। जनसुनवाई में पहुंचकर लगाए पुलिस पर आरोप मंगलवार को अभिराज उर्फ विराज पाठक पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा। उसने नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों और हीरानगर थाने के पुलिसकर्मियों पर उसके साथ मारपीट करने के आरोप लगाए। अभिराज का कहना है कि पुलिस ने उससे 30 हजार रुपए भी लिए। उसने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। अगले दिन मेडिकल कराने के बाद उसे पुलिस चौकी में बैठाकर रखा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभिराज और उसके साथियों पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है। नगर सुरक्षा समिति सदस्य ने दर्ज कराई थी एफआईआर हीरानगर थाने के नगर सुरक्षा समिति सदस्य गणेश चौधरी ने 20 अगस्त को अभिराज पाठक, प्रियांशु और आदित्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। गणेश के मुताबिक, रात में एचडीएफसी बैंक के सामने उनकी ड्यूटी लगी थी। इसी दौरान अभिराज और उसके साथी बाइक से वहां पहुंचे। बाइक लहराते हुए चलाने पर जब उनसे पूछताछ की गई तो अभिराज ने विवाद शुरू कर दिया। गणेश का आरोप है कि अभिराज ने हाथ में पहने कड़े से उसके सिर पर वार किया। इसके बाद वहां ड्यूटी कर रहे हर्ष और बंटी भी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि अभिराज और उसके साथियों ने गणेश को जमीन पर गिराकर मारपीट की। साथियों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया और घटना की सूचना हीरानगर पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को पकड़कर थाने ले गई। शराब के नशे में हंगामा करने का भी आरोप पुलिस के मुताबिक, तीनों युवकों के शराब के नशे में होने और सड़क पर हंगामा करने की बात भी सामने आई थी। मामले में एसीपी रूबीना मिजवानी ने तीनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजा था। शुक्रवार को तीनों को जेल भेजा गया, जबकि शनिवार को उन्हें जमानत मिल गई। पुलिस चौकी में रखने को लेकर भी विवाद अभिराज के परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों को थाने ले जाने के बजाय पुलिस चौकी में बैठाकर रखा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेडिकल के बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों से तीनों को नाश्ता कराने के लिए कहा था। मानवीय आधार पर उन्हें कुछ देर वहां रोका गया था। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान परिजनों ने दबाव बनाकर वीडियो बनाया। इसके बाद एसीपी कार्यालय से कार्रवाई करते हुए तीनों को जेल भेजा गया। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच एसीपी रूबीना मिजवानी ने बताया कि नगर सुरक्षा समिति के सदस्य से तीन युवकों द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत सामने आई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। हालांकि, युवकों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।