Thursday, 27 August 2026
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बड़े गणेश को भाई मानकर अमेरिका-लंदन तक से आईं राखियां:रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी, मूषक के लिए बहनों ने आसन भेजा, 51 फीट की राखी भी चढ़ेगी

INT News27 August 2026 at 11:56 am

देशभर में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। उज्जैन में इस पर्व पर एक अनूठी परंपरा देखने को मिलती है। महाकाल मंदिर के पीछे स्थित बड़ा गणेश मंदिर में भगवान गणेश को भाई मानने वाली बहनें देश ही नहीं, विदेशों से भी राखियां भेजती हैं। मुंबई, जयपुर, बेंगलुरु, भोपाल, इंदौर के साथ अमेरिका, लंदन और हांगकांग से भी बहनों ने भगवान गणेश के लिए राखियां भेजी हैं। इस बार भगवान गणेश को 51 फीट की विशेष राखी भी अर्पित की जाएगी। महिलाएं भगवान गणेश को भाई मानकर उनके लिए राखी भेजने के साथ उनकी पत्नियों रिद्धि-सिद्धि को भाभी का दर्जा देती हैं। उनके लिए साड़ी और भगवान गणेश के वाहन मूषक के लिए आसन भी भेजे जाते हैं। रक्षाबंधन पर मंदिर में पहुंचने वाली इन राखियों को विधि-विधान से भगवान गणेश को अर्पित किया जाएगा। देश-विदेश से पहुंची राखियां महाकाल मंदिर के ठीक पीछे स्थित करीब 15 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा के कारण यह मंदिर बड़े गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में वर्षों से आने वाली कई महिला श्रद्धालु भगवान गणेश को अपना भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और रक्षाबंधन पर उनके लिए राखी भेजती हैं। पंडित अक्षत व्यास ने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती को जगत माता-पिता माना जाता है। इसी भाव के चलते कई महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानती हैं। हर साल देश के अलग-अलग शहरों के साथ विदेशों से भी भगवान गणेश के लिए राखियां भेजी जाती हैं। इस बार मुंबई की राजकुमारी जैन ने सोने की गिन्नी वाली राखी भेजी है। इसके अलावा बेंगलुरु, राजस्थान, कोलकाता, भोपाल और इंदौर से भी राखियां मंदिर पहुंची हैं। अमेरिका और हांगकांग से भी बहनों ने राखियां भेजी हैं। इस बार भगवान गणेश को 51 फीट लंबी विशेष राखी अर्पित की जाएगी। रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी, मूषक के लिए आसन भगवान गणेश को भाई मानने वाली महिलाएं रक्षाबंधन पर सिर्फ उनके लिए राखी ही नहीं भेजतीं, बल्कि रिद्धि और सिद्धि को अपनी भाभी मानकर उनके लिए साड़ी भी भेजती हैं। वहीं भगवान गणेश के वाहन मूषक के लिए आसन भेजने की परंपरा भी है। 28 अगस्त को नहीं रहेगा भद्रा का साया श्रावण शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। पंचांग गणना के अनुसार 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे से रात 9:25 बजे तक भद्रा रहेगी। इसके बाद 28 अगस्त की सुबह से पूरे दिन और प्रदोष काल में रक्षाबंधन पर्व मनाया जा सकेगा।