समाचार · मध्य प्रदेश
रायसेन में मानसून कमजोर:पिछले साल से 22.56 इंच कम बारिश, हलाली-बारना डैम के गेट अब तक नहीं खुले
रायसेन जिले में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। 25 अगस्त तक पिछले साल की तुलना में 22.56 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी का असर जिले के प्रमुख जलस्रोतों पर भी दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि इस सीजन में अब तक हलाली और बारना डैम के गेट नहीं खोले गए हैं। पिछले साल के मुकाबले काफी कम बारिश 1 जून से 25 अगस्त तक रायसेन जिले में इस साल औसतन 695.76 मिलीमीटर यानी 27.39 इंच बारिश दर्ज हुई है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1268.7 मिलीमीटर यानी 49.95 इंच बारिश हुई थी। इस तरह इस साल अब तक 572.94 मिलीमीटर यानी 22.56 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। डैम के गेट खोलने की नौबत नहीं आई कम बारिश का सीधा असर जिले के प्रमुख बांधों के जलस्तर पर पड़ा है। मानसून के दौरान जिन हलाली और बारना डैम के गेट पानी की आवक बढ़ने पर खोले जाते हैं, इस बार अभी तक एक बार भी नहीं खोले गए हैं। अच्छी बारिश की उम्मीद अगस्त खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं। पर्याप्त बारिश होने से बांधों और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने के साथ खेती के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।