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UP में पंचायत सहायकों की बल्ले-बल्ले! मानदेय बढ़कर 6 से 9 हजार, अब प्रधान-सचिव नहीं कर सकेंगे बर्खास्त

UP News: उत्तर प्रदेश में पंचायत सहायकों के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है. लंबे समय से मानदेय बढ़ाने और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे पंचायत सहायकों को अब राहत मिलने की उम्मीद है. पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये करने की घोषणा की है. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत सहायकों को अब प्रधान और पंचायत सचिव सीधे नहीं हटा सकेंगे.
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद घोषणा
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने बुधवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पंचायत सहायकों की मांगों को लेकर चर्चा की. इसके बाद मानदेय बढ़ाने का फैसला बताया गया. नया मानदेय सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खाते में भेजे जाने की बात कही गयी है. मंत्री ने धरने पर बैठे पंचायत सहायकों की मांगों को जायज बताया.
डीएम की कमेटी करेगी जांच
पंचायत सहायकों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने बदलाव का ऐलान किया है. अब ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अपनी मर्जी से किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे. किसी सहायक को हटाने से पहले जिलाधिकारी के नेतृत्व में गठित कमेटी मामले की जांच करेगी. जांच के बाद ही हटाने की कार्रवाई की जा सकेगी.
आंदोलन करने वालों को भी राहत
राजभर ने पंचायत सहायकों के आंदोलन से जुड़े मामलों पर भी राहत देने की बात कही. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिये जायेंगे. हटाये गये पंचायत सहायकों की बहाली की बात भी कही गयी है. इसके अलावा पंचायत सहायकों के परिवार को कैशलेस सुविधा देने का भी ऐलान किया गया.
संजय निषाद के बयान पर राजभर का पलटवार
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक हैं और सभी नेता अपना-अपना दांव आजमा रहे हैं. निषाद पार्टी और भाजपा के बीच सीटों को लेकर दिये गये बयानों पर उन्होंने कहा कि जितनी सीटें निषाद हारेंगे, उतनी सीटें राजभर एनडीए को जिताने की कोशिश करेंगे.
सपा पर भी साधा निशाना
अखिलेश यादव के सरकार पर किये गये हमले का जवाब देते हुए राजभर ने गोंडा के व्यापारी हत्याकांड का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मामले में सरकार ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है. राजभर ने सपा सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधा और कहा कि जनता उसके पुराने कार्यकाल को अभी भूली नहीं है. उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी.
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