Wednesday, 16 September 2026
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उज्जैन में युवा धर्म संसद, डेढ़ करोड़ खर्च होंगे:देशभर से 1700 युवा, 300 शोधकर्ता-धर्माचार्य जुटेंगे; तीन दिनी आयोजन में RSS प्रमुख-सीएम भी शामिल होंगे

INT News16 September 2026 at 02:51 pm

उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक “युवा धर्म संसद” का आयोजन होगा। आयोजकों के मुताबिक, देवास रोड स्थित गीता भवन में तीन दिवसीय कार्यक्रम में 24-25 राज्यों से करीब 1700 छात्र-छात्राएं जुटेंगे। इनके अलावा करीब 300 शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी अलग-अलग सत्रों में हिस्सा लेंगे। 18 सितंबर को उद्घाटन सत्र में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल होंगे, जबकि 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समापन समारोह में शामिल होंगे। बुधवार को देश के अलग-अलग शहरों से पहुंचे युवा कलाकार परिसर में चित्रकला प्रदर्शनी के लिए पेंटिंग तैयार करते नजर आए। आयोजन स्थल पर ही इन पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया जाएगा। ने युवा धर्म संसद के आयोजन-उद्देश और व्यवस्था को लेकर बात की… सबसे पहले गीता भवन में क्या तैयारी बुधवार को गीता भवन में तैयारियों के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे युवा कलाकार प्रदर्शनी के लिए पेंटिंग बनाने में जुटे रहे। प्रदर्शनी की थीम भारत-भाव रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक मेले का भी आयोजन होगा, जिसमें आयोजकों के अनुसार देश के करीब 50 प्रमुख प्रकाशन समूह शामिल होंगे। आयोजन स्थल पर आने वाले प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग सत्रों और गतिविधियों की व्यवस्था की जा रही है। तीन दिनों के कार्यक्रम में धर्म, शिक्षा, संस्कृति, आस्था, कृषि और तकनीक जैसे विषयों को शामिल किया गया है। 25 राज्यों से पहुंचे 1700 रजिस्ट्रेशन सेवाज्ञ संस्थानम् के सह मीडिया प्रमुख बादल सिंह के मुताबिक, इस बार करीब 1700 प्रतिभागियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इनमें देश के 24 से 25 राज्यों के युवा शामिल हैं। आयोजकों ने जुलाई में रजिस्ट्रेशन शुरू किए थे, जिन्हें 31 अगस्त को बंद कर दिया गया। बादल सिंह के मुताबिक, रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद भी लगातार लोगों के फोन आ रहे हैं, लेकिन आयोजन स्थल की क्षमता के कारण इससे ज्यादा प्रतिभागियों को शामिल करना संभव नहीं है। आयोजकों का कहना है कि युवा धर्म संसद की शुरुआत 2018 में हुई थी। इससे पहले इसके आयोजन काशी, अयोध्या, हरिद्वार, मथुरा और कांचीपुरम में हो चुके हैं। आयोजकों के अनुसार, पिछली पांच धर्म संसदों में करीब 7100 प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। शिकागो भाषण की स्मृति से जुड़ा आयोजन आयोजकों के अनुसार, युवा धर्म संसद का मूल विचार स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन की स्मृति से जुड़ा है। इसका उद्देश्य युवाओं के बीच धर्म की अवधारणा, भारतीय संस्कार और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर संवाद के लिए मंच उपलब्ध कराना है।

इस बार आयोजन सिद्धपीठ हनुमत निवास, अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। तीन दिन में होंगे ये प्रमुख कार्यक्रम 17 सितंबर: भारत-भाव आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। पुस्तक मेले में करीब 50 प्रकाशन समूहों के शामिल होने की बात आयोजकों ने कही है। अलग-अलग प्रांतों से आए प्रतिनिधियों के बीच संवाद भी होगा। 18 सितंबर: युवा धर्म संसद का औपचारिक उद्घाटन होगा। सुबह 10 से 12 बजे तक उद्घाटन सत्र रखा गया है। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु श्रीनिवास बरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु शामिल होंगे। इसके बाद 'धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व' विषय पर व्याख्यान सत्र होगा। इसमें अवधेशानंद गिरि महाराज, लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास बरखेड़ी, स्मृति अनंतलक्ष्मी और जे. नंद कुमार के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इसी दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सूचना-विचार संघर्ष जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। देशभर से चुने गए 25 युवाओं के विशेष उद्बोधन का सत्र भी रखा गया है। 19 सितंबर: कृषि-ऋषि संस्कृति और भारत के आजीविका-विचार, मनुष्य निर्माण में आस्था और धर्मस्थलों की भूमिका जैसे विषयों पर सत्र होंगे। इसके बाद समापन समारोह और सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समापन समारोह में शामिल होने की जानकारी आयोजकों ने दी है। आयोजन पर करीब 1.53 करोड़ खर्च का अनुमान आयोजन समिति ने तीन दिवसीय कार्यक्रम के लिए करीब 1.53 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट बताया है। इसमें आयोजन स्थल पर 27 लाख रुपए, यात्रा एवं आवास पर 24 लाख, भोजन एवं जलपान पर 18 लाख और प्रतिभागी किट पर 20.20 लाख रुपए प्रस्तावित हैं।

इसके अलावा अतिथियों के यात्रा व्यय पर 12 लाख, प्रदर्शनी एवं पुस्तक स्टॉल पर 9.80 लाख, जनसंपर्क एवं विज्ञापन पर 8 लाख, सेवाज्ञ संस्थानम् की पुस्तक पर 8 लाख, साज-सज्जा एवं मंच पर 5.75 लाख और वीडियो-फोटोग्राफी पर 5 लाख रुपए खर्च का अनुमान बताया गया है। अगले साल द्वारका में होगा आयोजन आयोजकों के मुताबिक, युवा धर्म संसद का अगला संस्करण द्वारका में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए रजिस्ट्रेशन जुलाई 2027 से शुरू किए जाने की योजना है। इस बार उज्जैन में होने वाले आयोजन में युवाओं की भागीदारी के साथ धर्म और समकालीन विषयों पर संवाद को केंद्र में रखा गया है। अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले कार्यक्रम में यह देखना अहम होगा कि तीन दिनों के सत्रों में युवाओं की भागीदारी और संवाद किस रूप में सामने आता है।