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39 दिन में जींद अस्पताल में 2 बड़ी वारदात:कपल से मारपीट- महिला से छेड़छाड़; मंत्री- डिप्टी स्पीकर नाराज; ASP को जांच
जींद अस्पताल के 16 दिन में 2 बड़े कारनामे
कपल से मारपीट- महिला से छेड़छाड़; मंत्री- डिप्टी स्पीकर नाराज; ASP को जांच
जींद नागरिक अस्पताल में पिछले 39 दिन में दो बड़ी वारदात सामने आ चुकी हैं। 5 नवंबर की रात इलाज करवाने आए कंपल के साथ स्टाफ ने मारपीट की। 28 सिंतबर को ऑपरेशन करवाए आई महिला से ओटी में छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी मामले की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। एसपी ने एएसपी को मारपीट मामले की जांच सौंपी है। मारपीट के आरोपी सीटी स्कैन कर्मचारी बर्खाश्त कर दिए गए है। मौके पर पहुंचे दो होमगार्ड को भी लाइन हाजिर किया है। करीब एक सप्ताह में डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर दो बार सवाल उठे चुके हैं। शुक्रवार को घटना की निंदा करते हुए डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने डाक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। 30 अक्टूबर को ग्रीवेंस मीटिंग में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने सीएमओ के सामने डॉक्टरों को अंहकारी कहा था। SP की तरह तत्काल लेते एक्शन डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मैनें पंचकूला में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अस्पताल का वायरल वीडियो देखा। जिसके बाद मैं सीधा वहां से यहां आया हूं। हो हुआ, वह शर्मनाक विषय है। अस्पताल में लोग उम्मींद लेकर आते हैं। मैं दो-तीन बार आया, मैने कहा नए डॉक्टर्स का बिवेहियर अच्छा नहीं है। मैने सीएमओ-पीएमओ दोनों को कहा आप एक मीटिंग अरेंज करें, मैं इनको समझाता हूं। ये कहते हैं कि एक सप्ताह पहले एक डाक्टर पर एक्शन लिया, लेकिन उनके बिहेवियर में कोई बदलाव नहीं आया। ये कहता है मैं गरीब हूं, इसलिए ऐसा हुआ। मुझे भी लगता है गरीब आदमी था, कहीं न कहीं गलत हुआ, जो नहीं होना चाहिए था। एक उम्मीद लेकर इंसान आता है, चाहे गरीब हो या अमीर। डॉक्टर एक भगवान है, यदि उसका व्यवहार अच्छा नहीं है, तो हम उससे कोई उम्मीद नहीं रख सकते। मैने एसपी मैडम को कहा है, टीम बनाकर इसका संज्ञान लिया जाए। जिसके खिलाफ जो कार्रवाई बनती है करें। जितने भी पुराने डाक्टर हैं आप रात 12 बजे भी फोन करोंगे तो फोन उठाकर मरीज की मदद करते हैं। अगर घर पर भी हैं तो किसी की जिम्मेवारी लगाकर मदद करते हैं। आजकल के डॉक्टर्स के लिए तो मैं शब्दों का इस्तेमाल भी करना सही नहीं है। कई बार पेशंट रात को मुझे फोन कर यह कहते हैं कि विधायक आपसे बात करेंगे, ये कहते हैं कि हम क्या समझें। इसकी मैने शिकायत भी की। उनको ये नहीं पता कि हम क्या कर सकते हैं। मैं नहीं चाहता किसी के पेट पर लात पड़े। ऐसे हालात रहे तो अच्छी बात नहीं है। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, ये सुधरेंगे नहीं। डाक्टर्स को लगता है कि हम ही सबकुछ हैं। उन्हें कीमत ही नहीं पता कि डॉक्टर होता क्या हैं। भगवान ने आपको दो-दो काम दिए हैं। सेवा भी दी है और आपके परिश्रम का पैसा भी मिलता है। इंसान को और क्या चाहिए। मुझे लगता है इनका सब चीजों की जरूरत हैं, अगर कार्रवाई होगी तो भले होंगे तो सब समझ आ जाएंगी। सामने कोई ठाडा (मजबूत) आदमी होता, उस लड़के की पिटाई कर देता फिर पूरा प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करता। डाक्टर्स कहते हमारे को पीट गए, वहां डाक्टर की गलती जीरो हो जाती। ऐसा भी नहीं होना चाहिए। अगर आप किसी के साथ बदमीजी करते हैं तो सामने वाला भी ऐसा करता हैं तो आपको बुरा भी नहीं मानना चाहिए। आपके पास इलाज करवाने आए हैं, उसके घर में मौत हो गई। दिमाग से वह पहले ही परेशान हैं, फिर आप ऐसा व्यवहार करते हो उसके साथ। कोई दुश्मन भी ऐसे नहीं करता। अगर डॉक्टर दुश्मन भी तो फर्ज बनता है अच्छा व्यवहार करूं। दुश्मनी अपनी जगह, व्यवहार अपनी जगह। होमगार्ड का व्यवहार गलत था और मैडम में उनको लाइन हाजिर कर दिया। साथ-साथ एक्शन लेने का काम किया, अगर यही काम मैडम कोहली और पूनिया साहब कर देते तो मुझे लगता कि बहुत बेहतर था। अगर कोई बात सामने आए तो तुरंत एक्शन करना चाहिए। ये आपस में बैठकर समझौता कर लेते हैं, हमारे सामने भी हाथ- पैर जोड़ते हैं, शहर की अस्पताल की बात करते हैं। मेरे सामने दो बार मामले आएं हैं, मैंने तो समझौता करवाया नहीं। पॉलिक्लनिक वाली रिपोर्ट भी मैं देख लूंगा। मुझसें उसमें भी शक है, स्टाफ स्टाफ को ही बचाएगा। मंत्री बोले- अंहकारी हो चुके डाक्टर 30 अक्टूबर को ग्रीवेंस की मीटिंग में खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने एक मामले की सुनवाई करते हुए सीएमओ डॉ. सुमन कोहली से पूछा। मैडम क्या आप देखती हैं, आपके डाक्टरों का व्यवहार कैसा है। जब किसी के बच्चे की मौत हो जाए तो आपको पता है, परिवार और पिता की क्या स्थिति होती है। डाक्टर अंहकारी हो चुके हैं। गांव बनियाखेड़ा निवासी 10 वर्षीय बच्चे की 17 सितंबर को पेट दर्द का इलाज करवाने आए भतीजे की अस्पताल में इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई थी। चाचा अजय ने अपनी शिकायत में भतीजे की मौत के लिए डॉक्टरों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था। इसी मामले की सुनवाई करते हुए मंत्री ने यह टिप्पणी की थी। जानिए क्या है पूरा मामला रोहतक रोड स्थित भगवान नगर निवासी सन्नी नागराज अपनी पत्नी भावना के साथ 5 अक्टूबर की शाम अस्पताल पहुंचे। कई घंटे तक उपचार नहीं मिलने पर दर्द से कहरा रहे सन्नी ने डॉक्टर से पेन किलर मांगी। इसी दौरान एक कर्मचारी ने उसकी थप्पड़ों से पिटाई करते हुए गला पकड़कर घसीटा। शुक्रवार सुबह कंपल की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया। शाम को विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा और एसपी उपासना अस्पताल पहुंचे। जहां पीड़ित से घटना की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों से बातचीत की। ओटी में महिला से छेड़छाड़ नागरिक अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। 28 सितंबर को महिला नसबंदी ऑपरेशन करवाने आई। ऑपरेशन के बाद ओटीए अजय ने महिला से छेड़छाड् की। महिला के बाहर आने के बाद खुलासा हुआ। अस्तपाल में हंगामा हुआ। मामला सीएमओ तक भी पहुंचा। मामला संज्ञान में आने के बाद डीसी डॉ. वैशाली ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर ओटी का निरीक्षण किया था। सीएमओ ने ओटीए को डेपुटेशन पर उझाना सीएचसी भेज दिया। महिला डॉक्टरों की कमेटी बनाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी। छेड़छाड़ का आरोपी आज भी आजाद हैं। ASP करेंगे मामले की जांच एसपी उपासना ने कहा कि दोनों होमगार्ड को तत्काल लाइनहाजिर कर दिया था। एएसपी को मामले की जांच सौंपी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मामले में डाक्टरों की भूमिका भी जांच होगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में करेंगे पूरा सहयोग पीएमओ डॉ. रघुबीर पूनिया ने कहा कि एसपी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। हम पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। विभागीय स्तर भी मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। मरीजों व उनके अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।