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हेल्थकैंप के नाम पर छात्राओं को राजनीतिक रैली में भेजा:विरोध करने पर नर्सिंग कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल से मारपीट; कंधे में चोट, पुलिस से शिकायत
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) के भोपाल नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं को हेल्थ कैंप के नाम पर राजनीतिक रैली में भेजने और इसका विरोध करने पर वाइस प्रिंसिपल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। वाइस प्रिंसिपल डॉ. पुष्पलता ने कॉलेज की प्रभारी डॉ. पुनीत गांधी पर धक्का-मुक्की और हाथापाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना में उनके कंधे में चोट आई है। उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, डॉ. पुनीत गांधी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। हेल्थ कैंप के नाम पर छात्राओं को बुलाया डॉ. पुष्पलता के घटना प्रतिवेदन के अनुसार, 4 नवंबर को कॉलेज की करीब 100 नर्सिंग छात्राओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। इनमें कई छात्राएं हाल ही में प्रवेश प्रक्रिया के जरिए कॉलेज में आई थीं और प्रदेश के अलग-अलग जिलों की रहने वाली थीं। छात्राओं को हेल्थ कैंप में शामिल होने का सर्कुलर जारी किया गया था और सुबह 8 बजे कॉलेज पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। कॉलेज के नोटिस में कार्यक्रम को स्वास्थ्य संबंधी गतिविधि बताते हुए माता मंदिर चौराहे से रोशनपुरा चौराहे तक पदयात्रा और इसके बाद मंत्री के संबोधन का उल्लेख था। छात्राओं को कार्यक्रम स्थल तक ले जाने और वापस लाने के लिए बसों की व्यवस्था भी कॉलेज की ओर से की गई थी। छात्राओं के हाथ में पार्टी के झंडे, लगाए नारे डॉ. पुष्पलता का आरोप है कि छात्राओं को मेडिकल हेल्थ कैंप के बजाय राजनीतिक पार्टी की रैली में शामिल कराया गया। उनके मुताबिक, छात्राओं के हाथों में पार्टी के झंडे थे और वे नारे लगा रही थीं। उन्होंने रैली में मौजूद एक शिक्षक की ओर से साझा की गई तस्वीरों को इसका प्रमाण बताया है। पुष्पलता का दावा है कि छात्राओं ने बाद में उन्हें बताया कि उन्हें जबरदस्ती रैली में भेजा गया था। हॉस्टल में छात्राओं से बात करने पर विवाद डॉ. पुष्पलता के अनुसार, वे हॉस्टल में छात्राओं से इस मामले में बातचीत कर रही थीं, तभी डॉ. पुनीत गांधी वहां पहुंचीं और उन्हें बाहर जाने के लिए कहा। कारण पूछने पर गांधी ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। पुष्पलता का आरोप है कि यह घटनाक्रम छात्राओं, नर्सिंग स्टाफ, किचन स्टाफ, वार्डन और सुरक्षा गार्डों के सामने हुआ। वार्डन ने बीच-बचाव किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद प्रिंसिपल इंचार्ज प्रभा अग्नि भोज ने घटना रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस को फोन कर मांगी सुरक्षा डॉ. पुष्पलता का कहना है कि जब उन्होंने डायरेक्टर से मिलने जाने की बात कही, तब कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने सुरक्षा गार्डों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने आपातकालीन पुलिस सेवा को फोन कर सुरक्षा प्रभारी के खिलाफ शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।