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सांसद ने पूछा-अफीम लाइसेंस में किसी ने दलाली मांगी क्या?:मंदसौर में नारकोटिक्स कार्यालय पहुंचे, किसान बोले- ऐसी कोई समस्या नहीं
मंदसौर में अफीम लाइसेंस वितरण के दौरान किसानों से दलाली या मध्यस्थता के नाम पर पैसे तो नहीं मांगे जा रहे? लाइसेंस लेने में उन्हें कोई परेशानी तो नहीं हो रही? बुधवार को सांसद सुधीर गुप्ता ने नारकोटिक्स कार्यालय पहुंचकर किसानों से ये सवाल पूछे। इस पर किसानों ने कहा कि अभी कोई समस्या नहीं है, यहां सब ठीक चल रहा है। उन्होंने वर्ष 2026-27 की अफीम नीति के तहत चल रही लाइसेंस वितरण प्रक्रिया का औचक निरीक्षण किया। सांसद ने अधिकारियों से व्यवस्था की जानकारी ली और किसानों से उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने पूछा कि लाइसेंस लेते समय कोई पैसे तो नहीं मांग रहा या बिचौलिया परेशान तो नहीं कर रहा। किसानों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी रखे। सुधीर गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाइसेंस वितरण में पारदर्शिता रखी जाए और किसानों को बेवजह परेशानी न हो। उन्होंने जिला अफीम अधिकारी प्रथम खंड बीएन कुमार और द्वितीय खंड अधिकारी अतनु चटर्जी से ऑनलाइन लाइसेंस वितरण प्रक्रिया पर चर्चा की। सांसद ने कहा कि कार्यालय के बाहर लगाए गए टेंट में हेल्प डेस्क के जरिए किसानों को सही जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें इधर-उधर न भटकना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन प्रक्रिया में किसी पात्र किसान के साथ गलती न हो और तकनीकी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए। अधिकारी और कर्मचारी किसानों के साथ सहयोग करें। सांसद ने क्या कहा? से चर्चा में सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि वे यह देखने पहुंचे थे कि सरकार की लाइसेंस वितरण प्रक्रिया का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। उन्होंने किसानों से परेशानी और किसी व्यक्ति की मध्यस्थता की कोशिश के बारे में भी पूछा। सांसद के मुताबिक, विभाग ने कार्यालय के बाहर हेल्प डेस्क बनाई है, जहां तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इनपुट के उपशीर्षक में पिछले साल से 18 हजार ज्यादा किसानों को लाइसेंस देने की बात है, लेकिन मुख्य खबर में इसकी पुष्टि या विवरण नहीं दिया गया है।