Tuesday, 14 July 2026
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मंदसौर में मानसून धीमा पड़ा, बारिश नहीं:लोग उमस से बेहाल, 17 जुलाई के बाद फिर अच्छी बरसात की उम्मीद

INT News14 July 2026 at 11:50 am

मंदसौर जिले में मानसून की गति थम गई है। पिछले छह दिनों से जिले में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई है, जिससे लोग तेज धूप और उमस से बेहाल हैं। आखिरी बार 8 जुलाई को अच्छी बारिश हुई थी, जिसके बाद 9 जुलाई की रात कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी। तब से लेकर मंगलवार दोपहर तक जिले में वर्षा नहीं हुई है। बारिश न होने के कारण दिनभर तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। सुबह से शाम तक गर्मी का प्रभाव बना रहता है। बादल आते-जाते रहते हैं, लेकिन बिना बरसे आगे बढ़ जाते हैं, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। इस स्थिति से किसानों की चिंता भी बढ़ रही है। जिला मुख्यालय के साथ-साथ गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, दलौदा, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, डिगांव, सुंठोद, बरखेड़ा और अफजलपुर जैसे अधिकांश क्षेत्रों में भी पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। मानसून के कमजोर पड़ने से खेतों में नमी कम होने लगी है, और किसान अगली वर्षा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अगले तीन दिन बादल छाए रहेंगे

मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक जिले में मौसम सामान्य से आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ गतिविधियां हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल व्यापक या भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, 17 जुलाई के आसपास मानसूनी गतिविधियों में फिर से तेजी आने के संकेत मिले हैं। जिले में अब तक औसतन लगभग 10.10 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। इससे खरीफ फसलों को शुरुआती लाभ मिला है, लेकिन बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए लगातार अच्छी बारिश की आवश्यकता बनी हुई है। अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम का मिजाज किसानों और आमजन के लिए सलाह

मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे खड़े होने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। किसानों से भी मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने का आग्रह किया गया है। फिलहाल जिलेवासियों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। तेज धूप, गर्मी और बढ़ती उमस से जनजीवन प्रभावित है, जबकि बादलों की आवाजाही के बावजूद अच्छी बारिश नहीं होने से लोगों और किसानों की उम्मीदें अब 17 जुलाई के बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने पर टिकी हुई हैं।