Sunday, 20 September 2026
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'छात्रों की गूंज' को CM ने बताया 'झूठ की गूंज':डॉ. मोहन यादव बोले- MP में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार के क्षेत्र में हुई प्रगति के आंकड़े देखें

INT News20 September 2026 at 04:51 pm

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हो रहा है तो तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखना चाहिए। कार्यक्रम में तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और पहलों के परिणामस्वरूप ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में ड्रॉपआउट दर करीब 16% थी। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट करीब 2 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 38,658 करोड़ रुपए हो गया है। शिक्षा के साथ सुविधाओं पर भी जोर डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं? आज मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने प्रगति की है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अटल जी की सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। मुख्यमंत्री ने कहा… आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मेडिकल कॉलेजों में करीब 680 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 7 हजार से अधिक हो गई हैं। प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन भी बढ़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गई है। इसी तरह वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में करीब 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जो अब करीब 32 हजार मेगावाट हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं और 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती की गई है। सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यदि मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करनी चाहिए। मध्यप्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जनता के बीच भ्रम के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक संवाद होना चाहिए।