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Anant Singh: अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई के पीछे कौन, ललन सिंह के बयान से उठा सवाल

Anant Singh : मोकामा विधायक अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने इस मामले में जिम्मेदारी लेने से दूरी बना ली है. दिल्ली में मीडिया के सवालों पर उन्होंने कहा कि अनंत सिंह से जुड़ा मामला जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के अधिकार क्षेत्र में आता है. इसके बाद संजय झा से भी सवाल पूछा गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
ललन सिंह ने संजय झा की ओर किया इशारा
दिल्ली में ललन सिंह और संजय झा एक साथ मौजूद थे. इसी दौरान मीडियाकर्मियों ने दोनों नेताओं से अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई को लेकर सवाल किया. सवाल सुनने के बाद दोनों नेता आगे बढ़ने लगे. पत्रकार भी उनके साथ चलते रहे. गाड़ी में बैठने से पहले ललन सिंह ने संजय झा की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस मामले में उनसे बात कीजिए, क्योंकि यह उनका अधिकार क्षेत्र है. इसके बाद वह अपनी गाड़ी में बैठ गए.
संजय झा ने भी नहीं दिया जवाब
ललन सिंह के इस बयान के बाद पत्रकारों ने संजय झा से अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल किया. संजय झा ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गए. अनंत सिंह पर जदयू की कार्रवाई के पीछे किसका फैसला है, यह सवाल बना हुआ है.
छह साल के लिए जदयू से निकाले गए अनंत सिंह
बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी की रणनीति के खिलाफ अभियान चलाने के मामले में जदयू ने अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्हें और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से बाहर कर दिया गया है.
अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकालने का आदेश प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम से जारी किया गया. उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग को लेकर भी प्रदेश अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है.
अनंत सिंह पर कार्रवाई के पीछे किसकी भूमिका?
ललन सिंह जदयू के बड़े नेताओं में गिने जाते हैं. वह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश कुमार की कोर टीम में शामिल रहे हैं. राजनीतिक हलकों में माना जाता है कि अनंत सिंह को उनका समर्थन मिलता रहा है. विधानसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड में जेल चले गए थे. उस समय ललन सिंह ने मोकामा में चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली थी.
हाल में विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के नेता नीरज कुमार के खिलाफ उतर गए थे. इसके बाद पार्टी की ओर से ललन सिंह को मामले को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी. उस समय ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह अब बयानबाजी नहीं करेंगे. कुछ दिनों बाद अनंत सिंह ने फिर बयान दिया और यहां तक कहा कि वह ललन सिंह को नहीं जानते.
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नीलम देवी को 25 नवंबर तक बंगला खाली करने का आदेश
अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी नीलम देवी पर भी जदयू ने कार्रवाई की है. पार्टी से निकाले जाने के बाद उन्हें 20 सूत्री समिति से भी हटा दिया गया है. उनका उपमंत्री का दर्जा भी वापस ले लिया गया है. इसके अलावा नीलम देवी के नाम आवंटित पटना के एक मॉल रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने का आदेश दिया गया है. उन्हें इसके लिए 25 नवंबर तक का समय दिया गया है.
अनंत सिंह लंबे समय से इस बंगले में रह रहे हैं. वहां उनके गाय और घोड़े भी रखे जाते हैं. पार्टी से निष्कासन, विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग और सरकारी आवास खाली करने के निर्देश के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे क्या कार्रवाई होती है.
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