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छठे वेतनमान पर 70 हजार शिक्षकों को राहत की उम्मीद:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 4 सप्ताह का समय दिया; 23 नवंबर को अगली सुनवाई
जबलपुर हाईकोर्ट ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को 2006 से छठे वेतनमान का लाभ देने संबंधी आदेश के पालन के लिए राज्य सरकार को 4 सप्ताह का समय दिया है। शुक्रवार को कोर्ट ने कहा है कि आदेश का पालन नहीं होने पर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को उपस्थित होकर जवाब देना होगा। मामला प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों से जुड़ा है। इससे शिक्षकों को 10 साल के एरियर्स और वेतन में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ और राशि संबंधित आदेश के पालन पर निर्भर करेगी। 2006 से लाभ देने की मांग दरअसल, हाईकोर्ट में 497 याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें बताया गया कि छठा वेतनमान 1 जनवरी 2006 से लागू हुआ था, लेकिन शिक्षकों को इसका लाभ 2016 से दिया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पहली नियुक्ति से सेवा की गणना करने पर उन्हें 2006 से ही वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। इससे 10 साल का बकाया बन सकता है। शिक्षकों के मुताबिक, प्रत्येक शिक्षक को करीब 7 से 8 लाख रुपए तक मिल सकते हैं। इस पर 12% ब्याज दिए जाने की बात भी सामने आई है। वेतनमान का लाभ मिलने से मासिक वेतन में करीब 15 से 20 हजार रुपए तक का अंतर पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट में खारिज हुई SLP याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता जितेंद्र आर्य ने बताया कि राजेश पांडे सहित 497 शिक्षकों ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं। उनका कहना था कि सरकार ने शिक्षा विभाग में संविलियन के दौरान 2018 से पहले की शिक्षकीय सेवा को मान्यता नहीं दी। शिक्षकों ने मांग की कि नौकरी की अवधि पहली नियुक्ति से मानी जाए, ताकि इसी आधार पर उन्हें वरिष्ठता, वेतनवृद्धि, पेंशन और दूसरे लाभ मिल सकें। हाईकोर्ट के शिक्षकों के पक्ष में फैसले के बाद राज्य सरकार ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार की ओर से विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई, जिसे 24 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर आदेश का पालन कराने की मांग की। संविलियन के बाद विवाद अधिवक्ता जितेंद्र आर्य ने बताया कि पंचायत विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों का 2016 में शिक्षा विभाग में संविलियन किया गया था। उनका कहना है कि हाईकोर्ट पहले ही आदेश दे चुका था कि शिक्षकों को 2006 से छठे वेतनमान का लाभ दिया जाए। इसके बावजूद लाभ नहीं मिलने पर अवमानना याचिका दायर की गई। आर्य के मुताबिक, कोर्ट के आदेश के बाद याचिका दायर करने वाले 497 शिक्षकों के साथ प्रदेशभर के करीब 70 हजार शिक्षकों को भी लाभ मिल सकता है। दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को नियुक्ति शिक्षक संगठनों ने 600 से ज्यादा दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के फैसले पर राज्य सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग का आभार जताया। संगठनों का कहना है कि इससे प्रभावित परिवारों को नौकरी के साथ आर्थिक और सामाजिक सहारा मिलेगा।