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बंगाल में निशाने पर परंपरावादी, बोले शुभेंदु अधिकारी- किसी पर कुछ भी थोपा नहीं जायेगा

कोलकाता : भगवा जुलूस के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को विशेष सत्र में वामपंथियों को कड़ा संदेश दिया. शुभेंदु अधिकारी ने यह भी टिप्पणी की कि परंपरावादियों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया जा रहा है. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से संबंधित नए विधेयक के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा- शिक्षकों के एक वर्ग ने वामपंथी लिबास पहनकर देश और राज्य को चुनौती दी है, इसलिए इस कानून की आवश्यकता है.
अधिकारी का वामपंथियों को कड़ा संदेश
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं किशनजी का नाम नहीं लिखने दूंगा. प्रोफेसरों का एक समूह तथाकथित वामपंथियों का वेश धारण करके परंपरावादियों पर हमला करता है. कोई किसी को उसके धर्म का पालन करने से नहीं रोकता. यदि आप अपने माथे पर चोटी पहनते हैं, अपने सिर पर लौ जलाते हैं, या अपने गले में तुलसी की माला पहनते हैं, तो आप निशाने पर हैं.
सरकार किसी पर कुछ थोपती नहीं
मुख्यमंत्री ने नाम लिए बिना मध्य प्रदेश के संत बागेश्वर बाबा का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा, "एक संत कोलकाता आए थे. उन्होंने देशभक्ति, राष्ट्रवाद और एकजुट भारत की बात की. उन्होंने अपनी परंपरा और संस्कृति के बारे में अपने तरीके से बात रखी. उन्होंने अपने धर्म का आग्रह किया. कुछ लोगों को उनकी बात स्वीकार हुई, कुछ लोगों ने अस्वीकार की. मुख्यमंत्री ने कहा- वे किसी पर कुछ थोपना नहीं चाहते थे.
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क्या है मामला
धीरेन्द्र शास्त्री ने दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन न करने की अपील की थी. मांस रूपी प्रसाद को पाखंड कहा था. इससे बंगालियों की भावनाएं आहत हुई हैं. राज्य की राजनीति ने भावनाओं की सीमा पार कर दी है. कांग्रेस ने भवानीपुर में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक कोलकाता के भवानीपुर पुलिस स्टेशन के सामने जमा हुए और बागेश्वर बाबा की तस्वीरें जलाकर प्रदर्शन किया. साथ ही, उनके खिलाफ पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई.
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