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Bihar Viral Video: ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं, दरवाजे पर लटके यात्री; छत पर भी चढ़े लोग, वीडियो वायरल

Bihar Train Viral Video : बिहार में पैसेंजर ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में एक पैसेंजर ट्रेन में यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. हालात इतने खराब नजर आ रहे हैं कि कई यात्री ट्रेन के दरवाजे के हैंडल से लटककर और फुटबोर्ड पर खड़े होकर सफर करते दिख रहे हैं.
कोच के अंदर जगह नहीं, दरवाजे पर लटककर सफर
वायरल वीडियो में ट्रेन के जनरल कोच में यात्रियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है. कोच के अंदर पैर रखने तक की जगह नहीं दिख रही है. ऐसे में कई यात्री दरवाजे के पास खड़े होकर सफर करने को मजबूर नजर आ रहे हैं. कुछ यात्री चलती ट्रेन के दरवाजे के हैंडल को पकड़कर बाहर की ओर लटके हुए दिखाई दे रहे हैं.
यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है. ट्रेन और पटरी के बीच कम दूरी होने के कारण फुटबोर्ड पर खड़े होकर या दरवाजे से लटककर यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.
ट्रेन की छत पर सफर करने का भी दावा
सोशल मीडिया पर सामने आयी जानकारी में यह दावा भी किया गया है कि अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ यात्रियों ने ट्रेन की छत पर चढ़कर यात्रा की. खास चिंता की बात यह है कि रेलवे ट्रैक के ऊपर हाई-वोल्टेज बिजली के तार मौजूद रहते हैं. ऐसे में ट्रेन की छत पर चढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है.
'दूसरा विकल्प नहीं तो यात्री क्या करें?'
बिहार क्षेत्र के रेल यात्री संघ के एक प्रतिनिधि ने यात्रियों की मजबूरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब लोगों के पास यात्रा का दूसरा विकल्प उपलब्ध नहीं होता, तो उन्हें खतरनाक तरीके से ट्रेन में सफर नहीं करने की सलाह देना बेअसर साबित होता है.
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना काम के लिए दूसरे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर जाते हैं. उनके लिए ट्रेन महज यात्रा का साधन नहीं बल्कि रोजी-रोटी तक पहुंचने का जरिया है. ट्रेन नहीं मिलने पर मजदूरों को काम का एक दिन गंवाना पड़ सकता है, जबकि छात्रों के लिए परीक्षा या जरूरी कक्षा छूटने का खतरा रहता है.
सोशल मीडिया पर रेलवे से उठी मांग
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने रेलवे और रेल मंत्रालय से पूर्वी भारत के व्यस्त रेल रूटों पर जनरल क्लास की क्षमता बढ़ाने की मांग की. यात्रियों का कहना है कि पीक आवर्स में ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त अनारक्षित कोच और स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की जानी चाहिए.
रेलवे सेवा ने लिया मामले का संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भारतीय रेलवे के आधिकारिक डिजिटल कस्टमर सर्विस पोर्टल 'रेलवे सेवा' ने मामले को बिहार में संबंधित ऑपरेशन अधिकारियों के पास भेजा. इसके बाद दानापुर डिवीजन के DRM स्तर पर मामले को संज्ञान में लिया गया.
रेलवे अधिकारियों की ओर से मामले की समीक्षा किए जाने की बात सामने आयी है. संबंधित रूट पर यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर अधिकारियों ने आवश्यक निर्देश जारी किए.
सुरक्षा मार्शलों और RPF को बढ़ानी होगी निगरानी
मामले के बाद दानापुर डिवीजन के सुरक्षा मार्शलों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. वहीं RPF कर्मियों को प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में भीड़ की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है, ताकि यात्री चलती ट्रेन में दरवाजे से लटककर या अन्य खतरनाक तरीके से यात्रा न करें.
पीक आवर्स में अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
यात्री संगठनों ने रेलवे से मांग की है कि जिन रूटों पर रोजाना अत्यधिक भीड़ रहती है, वहां पीक आवर्स में अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें चलायी जाएं. इसके अलावा जनरल कोच की संख्या बढ़ाने और यात्रियों की संख्या के अनुसार अतिरिक्त रैक उपलब्ध कराने की मांग भी उठायी गयी है.
मजदूरों और छात्रों के लिए ट्रेन सबसे बड़ा सहारा
बिहार की रेल लाइनों पर अत्यधिक भीड़ कोई नई समस्या नहीं है. कम आय वाले मजदूरों, छात्रों और प्रवासी कामगारों की बड़ी संख्या सस्ती यात्रा के लिए जनरल क्लास ट्रेनों पर निर्भर रहती है. सीमित आय के कारण हर यात्री के लिए बस या निजी वाहन से सफर करना संभव नहीं होता.
ऐसे में ट्रेनों की कमी और जनरल कोच में अत्यधिक भीड़ यात्रियों को जोखिम उठाने के लिए मजबूर करती है. वायरल वीडियो ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि यात्रियों को सिर्फ सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह देने के बजाय क्या रेलवे को भीड़ के दबाव के अनुरूप ट्रेनों की संख्या और जनरल कोच की क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाना चाहिए.
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