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गुरुग्राम में कारोबारी से मारपीट में नवीन गोयल को क्लीनचिट:बोले-विरोधियों द्वारा राजनीतिक-सामाजिक छवि खराब करने का प्रयास था, पुलिस जांच में सच सामने आया
गुरुग्राम में भाजपा से बागी और पूर्व एमएलए प्रत्याशी नवीन गोयल को कारोबारी से मारपीट और धमकी देने के चर्चित मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। सेक्टर 10ए थाना पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद नवीन गोयल के खिलाफ लगे सभी आरोप गलत पाए गए।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और उनकी सामाजिक छवि को धूमिल करने की एक सुनियोजित साजिश थी। पुलिस जांच में सच सामने आ गया है। क्योंकि घटना वाले दिन वे गुरुग्राम में मौजूद ही नहीं थे, बल्कि लखनऊ में थे।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक बदला लेने के लिए यह साजिश रची गई थी, हालांकि ये साजिश किस नेता के कहने पर की गई, इस सवाल पर उन्होंने नाम बताने से फिलहाल मना कर दिया और कहा कि शहर की जनता उनके साथ खड़ी है और ऐसी ओछी राजनीति से उनकी जनसेवा का संकल्प कमजोर नहीं होगा, बल्कि वे और मजबूती से काम करते रहेंगे। ये है मामला सेक्टर 14 में रहने वाले पीआरके स्कैफल्डिंग कंपनी के मालिक प्रवीण अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि 20 अप्रैल 2026 को शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच जब वह गाडौली खुर्द गांव स्थित अपनी फैक्ट्री से घर लौट रहे थे, तब पटौदी रोड पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को पीछे से टक्कर मारी।
उन्होंने नवीन गोयल का नाम लिया और आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक ने कथित तौर पर उसे धमकी देते हुए कहा था कि अपनी फैक्ट्री बंद करो और नवीन गोयल, दीपक गोयल और सतीश तायल से माफी मांगो, अन्यथा तुम्हें पांच दिनों के भीतर मार दिया जाएगा।" तकनीकी जांच में आरोप गलत मिले पुलिस की जांच टीम ने घटना के समय और रूट का पूरा खाका तैयार किया। पुलिस ने पटौदी रोड, गाडोली खुर्द और उसके आसपास के पूरे रास्ते पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और लोकेशन को अपने कब्जे में लिया और उनका तकनीकी विश्लेषण किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए, जिसके बाद नवीन गोयल को मामले से क्लीन चिट कर दिया गया। शहर में चर्चित राजनीतिक और सामाजिक चेहरा नवीन गोयल शहर के एक प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक चेहरा हैं। भारतीय जनता पार्टी द्वारा टिकट काटने के बाद उन्होंने बगावत करते हुए 2024 के विधानसभा चुनाव में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, क्योंकि भाजपा ने उन्हें पार्टी का टिकट नहीं दिया था। इस क्लीन चिट के बाद नवीन गोयल के समर्थकों में खुशी की लहर है। क्योंकि एफआईआर के वक्त यह मामला काफी चर्चित हुआ था। पुलिस ने जांच पूरी की इस संबंध में सेक्टर 10ए थाने के एसएचओ दिलबाग ने बताया कि तकनीकी जांच में नवीन गोयल पर लगे आरोप सही नहीं मिले हैं। अगर कोई और मामले में शामिल मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।