Friday, 7 August 2026
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गरियाबंद में पुल नहीं, पानी पार कर स्कूल जाते बच्चे:टेकनपारा में झोपड़ी में चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीणों ने विकास पर उठाए सवाल

INT News7 August 2026 at 02:55 pm

गरियाबंद जिले में विकास कार्यों की दो तस्वीरें सामने आई है, जो सरकारी दावों पर सवाल उठाती है। एक ओर मैनपुर विकासखंड के टेकनपारा में आंगनबाड़ी केंद्र खेत में बनी झोपड़ी से चल रहा है, तो दूसरी ओर खासरपारा में पुल नहीं होने से स्कूली बच्चों को कमर तक पानी पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है। सरगीगुड़ा ग्राम पंचायत के टेकनपारा में यह आंगनबाड़ी केंद्र खेतों के बीच सड़क किनारे एक अस्थायी झोपड़ी में चल रहा है। बरसात के दिनों में यहां पानी भर जाता है। साथ ही सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों का आना-जाना और पढ़ाई करना सुरक्षित नहीं है। वहीं, खासरपारा में नाले पर पुल नहीं होने से बच्चों को हर बारिश में कमर तक पानी पार कर स्कूल जाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है और हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जिले में कुल 1,525 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें 209 केंद्र किराए के भवनों में, 91 अन्य सरकारी भवनों में और 81 केंद्र सामुदायिक सहयोग से बनी अस्थायी जगहों पर चल रहे हैं। भवनों की लंबे समय से मांग के बाद दो साल पहले 12 नए आंगनबाड़ी भवनों को मंजूरी मिली थी। लेकिन अब तक आदिवासी विभाग ने इनका निर्माण शुरू नहीं कराया है। पुल के अभाव में सड़क बेकार, बरसात में बढ़ी परेशानी जिले के साल्हेभांटा के बनवापारा से खासरपारा तक जनमन योजना के तहत पक्की सड़क बनाई गई है। लेकिन नाले पर पुल नहीं बनने से बरसात के दिनों में यह सड़क लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। नाले में पानी आने पर उन्हें कभी कमर तक पानी पार कर स्कूल जाना पड़ता है, तो कभी भीगे कपड़ों में ही पूरे दिन स्कूल में बैठना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में आवाजाही करना काफी मुश्किल हो जाता है। पालक रूपसिंह मरकाम और पूर्व जनपद सदस्य कल्याण ओटी ने बताया कि पुल नहीं होने से हर साल ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस मामले में पीएमजीएसवाई के ईई अभिषेक पाटकर ने बताया कि खासरपारा नाले पर 30 मीटर लंबे पुल के निर्माण के लिए 1.58 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है। फिलहाल टेंडर प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही पुल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।