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'Tu Hai Meri Kiran' Review: सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म का आइडिया शानदार, लेकिन कहानी में रह गई कमी, जानिए कैसा है रिव्यू

INT News23 October 2026 at 08:43 pm

सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म 'Tu Hai Meri Kiran' एक अलग तरह की कहानी लेकर आई है. फिल्म में टाइम ट्रैवल, प्यार और जुनून का मेल देखने को मिलता है. इसका आइडिया शुरुआत में काफी दिलचस्प लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म थोड़ी उलझने लगती है. खासकर दूसरे हाफ में कहानी को समझना मुश्किल हो जाता है.

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म में सोनाक्षी सिन्हा ने किरण का किरदार निभाया है, जो एक मशहूर लेखिका है और अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश है. उसकी शादी रियान से हुई है, जिसका किरदार अंकित गुप्ता ने निभाया है.

एक दिन किरण को एक पुराना फोन मिलता है. इस फोन के जरिए उसकी बात साल 2016 में रहने वाले समर से होती है. समर का किरदार जहीर इकबाल ने निभाया है. धीरे-धीरे समर किरण के प्रति जुनूनी हो जाता है और उसके अतीत को बदलकर उसकी जिंदगी में अपनी जगह बनाने की कोशिश करता है.

इसके बाद कहानी साल 2016 और 2026 के बीच घूमने लगती है. आगे क्या होता है और अतीत को बदलने की कोशिश किस तरह सबकी जिंदगी पर असर डालती है, यही फिल्म की कहानी का मुख्य हिस्सा है.

फिल्म में क्या है खास?

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका अनोखा आइडिया है. पुराने फोन के जरिए दो अलग-अलग समय में रहने वाले लोगों का जुड़ना कहानी को दिलचस्प बनाता है. शुरुआत में फिल्म दर्शकों के मन में कई सवाल पैदा करती है और आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बनी रहती है.

फिल्म के डायरेक्टर करण रावल ने टाइम ट्रैवल की कहानी को अलग अंदाज में पेश करने की कोशिश की है. पहले हाफ में किरदार धीरे-धीरे इस अनोखी स्थिति को समझते हैं, जिससे कहानी में रोमांच बना रहता है.

हालांकि, फिल्म में टाइम ट्रैवल से जुड़े हर सवाल का जवाब तर्क के आधार पर तलाशना सही नहीं होगा. यह एक कमर्शियल फिल्म है, इसलिए इसमें कुछ सिनेमाई छूट भी ली गई है. असली परेशानी तब शुरू होती है, जब कहानी जरूरत से ज्यादा पेचीदा होने लगती है.

दूसरे हाफ में उलझ जाती है कहानी

फिल्म का दूसरा हिस्सा कई सवालों के जवाब देने की कोशिश करता है. साल 2016 और 2026 की घटनाओं को जोड़कर कहानी को आगे बढ़ाया जाता है. लेकिन जब दोनों समय की घटनाएं एक-दूसरे से टकराने लगती हैं, तो कहानी को समझना मुश्किल हो जाता है.

एक समय के बाद दर्शकों के लिए यह समझना चुनौती बन जाता है कि कौन-सी घटना कब और कैसे हो रही है. फिल्म का क्लाइमैक्स भी जरूरत से ज्यादा खिंचा हुआ लगता है. कहानी को दिलचस्प बनाने की कोशिश में इसे इतना उलझा दिया गया है कि इसका असर फिल्म के मजे पर पड़ता है.

आखिर कैसी है 'Tu Hai Meri Kiran'?

कुल मिलाकर, 'Tu Hai Meri Kiran' एक ऐसे आइडिया पर बनी फिल्म है, जो शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान खींच सकता है. सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की जोड़ी भी कहानी को देखने लायक बनाती है.

लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी उलझी हुई कहानी है. खासकर दूसरा हाफ दर्शकों से काफी ध्यान मांगता है, लेकिन हर मोड़ पर उतना अच्छा नतीजा नहीं देता. अगर इसकी पटकथा पर थोड़ा और काम किया जाता, तो यह एक बेहतर थ्रिलर बन सकती थी.

फिल्म उन दर्शकों को पसंद आ सकती है, जिन्हें टाइम ट्रैवल और रहस्य से जुड़ी कहानियां पसंद हैं. लेकिन जो लोग एक साफ और आसानी से समझ आने वाली कहानी चाहते हैं, उन्हें इससे थोड़ी निराशा हो सकती है.

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