Tuesday, 11 August 2026
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26 साल से रायपुर में छिपा बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार:मैकेनिक बनकर रह रहा था, पुलिस ने छापा मारकर पकड़ा; पांच साल की उम्र में आया था रायपुर

INT News11 August 2026 at 12:54 am

रायपुर के संजय नगर इलाके में पुलिस ने सोमवार दोपहर छापेमारी कर एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम रेहान बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब 26 साल से रायपुर में रह रहा था और यहां गाड़ी मैकेनिक का काम करता था। पिछले साल अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान के दौरान वह अपने माता-पिता के साथ बांग्लादेश चला गया था। कुछ दिन पहले रायपुर लौटकर वह गुपचुप तरीके से रहने लगा था। किराए का मकान लेकर रह रहा था आरोपी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की पहचान शेख रेहान (31) के रूप में हुई है। वह संजय नगर में किराए के मकान में रह रहा था। टिकरापारा में उसकी गाड़ी मैकेनिक की छोटी दुकान भी है। पुलिस के मुताबिक, रेहान वर्ष 2000 में महज 5 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। यहीं उसने पढ़ाई की और करीब 26 साल से रह रहा था। पुलिस का दावा है कि रेहान और उसके माता-पिता ने रायपुर में आधार और राशन कार्ड समेत कई भारतीय दस्तावेज बनवा लिए थे। उसका भारतीय पासपोर्ट भी बना हुआ था। वह वीजा के जरिए बांग्लादेश स्थित अपने पैतृक गांव पार्वतीपुर आता-जाता था। पिछले साल पुलिस रेड में बच गया था आरोपी पिछले साल अभियान के दौरान रेहान अपने माता-पिता के साथ रायपुर से कोलकाता और फिर सड़क मार्ग से बांग्लादेश चला गया था। वहां कई महीने रहने के बाद वह वापस भारत आया और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहने लगा। पुख्ता सूचना मिलने पर पुलिस ने सोमवार को संजय नगर में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। उसके दस्तावेज और पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं। माता-पिता की तलाश जारी है। पिछले महीने भी इसी इलाके से पकड़ा था बांग्लादेशी संजय नगर में पिछले महीने पुलिस ने जमाल करीम (42) को भी पकड़ा था। वह कबाड़ का काम करता था और 2013 में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। पुलिस के अनुसार उसके पास भी भारतीय दस्तावेज मिले थे। अभियान के दौरान वह ओडिशा चला गया था और बाद में रायपुर लौट आया। जेल के डिटेंशन सेंटर में रखा आरोपी को दोनों आरोपियों को रायपुर केंद्रीय जेल स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। पुलिस ने दोनों की जानकारी गृह और विदेश मंत्रालय को भेजी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को बांग्लादेश डिपोर्ट किया जाएगा। दुर्ग, बीजापुर, सरगुजा और राजनांदगांव संभाग में भी अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। कबाड़ का ठेला लगाता है बांग्लादेशी पिछले माह संजय नगर में ही जमाल करीम (42) को पकड़ा गया था। वह 2013 में माता-पिता के साथ रायपुर आया था। पहले बंगाल में रहता था, फिर रायपुर में रहने लगा। जमाल के पिता ने उसके पूरे दस्तावेज तैयार कर लिए हैं। उसने रायपुर का आधार कार्ड से लेकर निवास प्रमाण-पत्र तक बनवा लिया है। वह कबाड़ का काम करता है। वह पहले से शादीशुदा है। उसकी पहली पत्नी बांग्लादेश में रहती है। उसने ओडिशा में दूसरी शादी की है। उससे भी बच्चे हैं। पुलिस ने जब अभियान चलाया तो वह ओडिशा भाग गया। वहीं छिपा हुआ था। पिछले माह ही वापस आया था। दुर्ग, बीजापुर और अन्य जगह पकड़े गए बांग्लादेशी दुर्ग पुलिस ने भी पिछले माह एक बांग्लादेशी को पकड़ा है। हालांकि, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बीजापुर पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। कुछ दिन पहले ही उसे पकड़ा गया है। उसे रायपुर जेल में रखा गया है। सरगुजा और राजनांदगांव संभाग में भी बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई चल रही है।