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एक सवाल के दो जवाब, एक सही तो दूसरा गलत कैसे? HC ने उत्तराखंड सरकार मांगा जवाब

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने लेखपाल, पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में उन सवालों को लेकर सरकार से जवाब तलब किया है जिनके दो जवाब होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि परीक्षा में कई सवालों के दो विकल्प सही थे, लेकिन आयोग ने उनकी आपत्तियां खारिज कर दीं। इस मामले में अदालत ने कहा कि आयोग को पेपर बनाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए थी। अदालत ने राज्य सरकार और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से 4 हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।जस्टिस पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने आयोग और सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी। अदालत ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि प्रश्न तैयार करने से पहले आयोग को विशेषज्ञों की राय लेनी चाहिए। यह मामला टिहरी निवासी समधीर सिंह समेत कई अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिकाओं से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, साल 2025 में यूकेएसएसएससी ने लेखपाल, पटवारी और वीडीओ के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद इन पदों के लिए दोबारा 14 जून को परीक्षा आयोजित की गई।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा में कई ऐसे प्रश्न पूछे गए, जिनके दो विकल्प सही थे। परीक्षा के बाद आयोग ने अपनी उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड कर अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगीं। अभ्यर्थियों ने उन प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई लेकिन आयोग ने यह कहते हुए आपत्तियां खारिज कर दीं कि आयोग की उत्तर कुंजी सही है और अभ्यर्थियों द्वारा चुने गए उत्तर गलत हैं।याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय से मांग की है कि जिन प्रश्नों के दो उत्तर सही हैं, उनकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाए और यदि दोनों विकल्प सही पाए जाते हैं तो अभ्यर्थियों को उसका लाभ दिया जाए। उन्होंने आयोग से यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि ऐसे प्रश्नों में एक उत्तर को सही और दूसरे को गलत मानने का आधार क्या है।अदालत ने साफ कर दिया कि भर्ती की आगे की चयन प्रक्रिया रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। आयोग और राज्य सरकार के जवाब के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।अपडेट जारी