समाचार · मध्य प्रदेश
₹154 करोड़ के ब्रिज से झांकने लगे सरिए, VIDEO:भोपाल के डॉ. अंबेडकर ब्रिज से उखड़ा डामर; कई सड़कें छलनी हो गई
भोपाल में मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर की सड़क से सरिए झांकने लगे हैं। रही कसर 2 दिन से हो रही तेज बारिश ने पूरी कर दी। कई जगहों से डामर उखड़ गया है। इधर, बारिश की वजह से शहर की कई सड़कें छलनी हो गई है। यह फ्लाईओवर करीब 154 करोड़ रुपए की लागत से बना है। लोकार्पण के बाद से ही यह सुर्खियों में रहता है। लोकार्पण के ठीक बाद ही सीमेंट क्रांकीट में खुरदुरापन, वाइब्रेशन जैसी समस्याएं सामने आई थीं। कुछ महीने बाद डामर उखड़ गया था। इसके बाद अब इसके सरिए बाहर झांकने लगे हैं। बारिश के बाद सोमवार को जब सड़क कई जगहों से उखड़ी मिली तो कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने ब्रिज पर पहुंचकर सवाल उठाए। कहा कि राजधानी में 150 करोड़ से ज्यादा लागत से पिछले साल ही बने अंबेडकर फ्लाईओवर के गड्ढे बता रहे हैं कि कितना भष्ट्राचार व कमीशनखोरी हुई है। इस पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए वीडियो भी जारी किए हैं। रोज हजारों VVIP और लोग गुजरते हैं इस ओवरफ्लाई से हर रोज हजारों वीवीआईपी और आम लोग ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे हैं। लोकार्पण के दौरान यह प्रदेश का पहला सबसे लंबा ब्रिज था। बाद में जबलपुर में इससे लंबा ब्रिज बना। इस हिसाब से अब यह प्रदेश का दूसरा सबसे लंबा ब्रिज है। मेट्रो स्टेशन के नीचे ही उखड़ा रोड, होशंगाबाद रोड पर भी गड्ढे शहर की मुख्य सड़कें हो या अंदरूनी, उन पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। मुख्य सड़कें- होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, रातीबड़, एमपी नगर, लिंक रोड नंबर-2 में कई जगहों से सड़कें उखड़ गई हैं। मिसरोद से वीर सावरकर ब्रिज तक कई जगहों पर गड्ढे हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क जर्जर हालत में है। इस कारण सिग्नल के बाद तेजी से आने वाले वाहनों के हादसे का शिकार होने की संभावना रहती है। बीजेपी ऑफिस के पास तिराहे की हालत भी खस्ता है। इस चौराहे का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन टर्निंग पर ही सड़क उखड़ गई हैं। भोपाल में जर्जर सड़कों की देखिए तस्वीरें… 50 मीटर में मुर्रम बिछाई, लेकिन हो गए गड्ढे सुभाषनगर ब्रिज से पहले इनकम टैक्स ऑफिस तिराहे पर सड़क की तस्वीर ठीक नहीं है। हाल ही में यहां पीडब्ल्यूडी ने मुर्रम बिछाई थी, लेकिन बारिश की वजह से पूरी मुर्रम बह गई। इससे आधा फीट गहरे तक गड्ढे हो गए हैं। सुबह व शाम के समय यह तिराहा सबसे व्यस्त रहता है, क्योंकि पुराने शहर से एमपी नगर, होशंगाबाद रोड को जोड़ने वाला यह अहम रास्ता है। करीब 50 मीटर तक सड़क पूरी तरह से उखड़ गई हैं। अंदरूनी रास्तों पर चलना मुश्किल भास्कर ने जब पुराने शहर के अशोका गार्डन, निशातपुरा, शबरी नगर, वसुंधरा कॉलोनी, करोंद समेत अन्य इलाकों का मुआयना किया तो बुरे हालात नजर आए। अशोका गार्डन में तो स्थिति बेहद गंभीर है। अशोका नगर थाने के पास से ही कैलाश नगर, सेमरा की तरफ जाने का रास्ता है, लेकिन पूरी सड़क ही उखड़ी हुई है। अयोध्या बायपास का 10 लेन सड़क में बदला जा रहा है, लेकिन इससे जुड़ी सड़कों पर ढेरों गड्ढे हैं। कोलार के दानिशकुंज, बंजारी, कान्हाकुंज की हालत भी ठीक नहीं है, जबकि रोहित नगर, बावड़ियाकलां, अवधपुरी इलाके में भी सड़क जर्जर हो रही है। सुभाषनगर ब्रिज के शुरुआती हिस्से में भी सड़क पर गड्ढे हैं। ऐसे में तेजी से आने वाली गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा रहता है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में निचली बस्तियां डूबीं, स्कूल बंद मध्य प्रदेश में ब्रेक के बाद मानसून जमकर बरस रहा है। पिछले 24 घंटे में भोपाल में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश हो गई। नर्मदापुरम में 5, रायसेन में 4.9, राजगढ़-शाजापुर में 4.5 और सीहोर में 4 इंच पानी गिर गया। भोपाल के सेमरा में पानी भरने से करीब 200 मकानों के लोग घरों में कैद हो गए।पूरी खबर पढ़ें