Tuesday, 11 August 2026
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यमुनानगर में तेज बारिश से सड़कें जलमग्न, PHOTOS:घरों में घुसा पानी; छछरौली-सढौरा और रादौर में भी बिगड़े हालात

INT News11 August 2026 at 03:57 pm

मानसून से पहले शहर को जलभराव से बचाने के लिए किए गए इंतजामों के दावों की मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पोल खोल दी। कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद यमुनानगर शहर की सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं। उधर सढौरा स्थित सरकारी अस्पताल में भी पानी घुस गया, जिसके चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को जलभराव के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में बिगड़े हालात कई स्थानों पर इतना पानी भर गया कि सड़क और नाले का फर्क तक नजर नहीं आया। निचले इलाकों में स्थिति और ज्यादा खराब रही। कई घरों में बारिश का पानी घुस गया, जिसके बाद लोगों को बाल्टियों और दूसरे साधनों से घरों से पानी निकालना पड़ा। वहीं जगाधरी में राजा साहब महल की दिवार ढह गई, जिसमें तीन लोग बाल-बाल बचे। वाहन चालकों को झेलनी पड़ी परेशानी शहर के शादीपुर आईटीआई, कन्हैया साहब चौक और हाइडल कॉलोनी समेत कई इलाकों में जलभराव की तस्वीर सामने आई। सड़क पर कई-कई इंच पानी जमा होने से वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। खासकर दोपहिया वाहन चालक पानी के नीचे छिपे गड्ढों के कारण हादसे के खतरे में नजर आए। कुछ जगह लोग पानी के बीच से वाहन निकालने की कोशिश करते दिखाई दिए। प्रभावित लोगों ने प्रशासन को कोसा जलभराव की सबसे ज्यादा मार निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ी। बारिश का पानी घरों में दाखिल होने के बाद लोग पानी बाहर निकालने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून आने से पहले नालों की सफाई, सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने और जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम के दावे किए जाते हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। कुछ घंटे की बारिश से जलभराव हो जाता है। शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी से आफत बारिश का असर केवल यमुनानगर शहर तक सीमित नहीं रहा। छछरौली, सढौरा और रादौर क्षेत्र में भी तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी। कुछ गांवों में बारिश का पानी घरों तक पहुंचने की सूचना है। इससे ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सढौरा में ही सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग में पानी घुस गया, जिसके चलते काफी परेशानी हुई। जलभराव ने प्रशासन ती तैयारियों के पर सवाल किए खड़े तेज बारिश ने कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत जरूर दी, लेकिन जलभराव ने प्रशासन की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिए टीमें सक्रिय करने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि बारिश के दौरान पानी सड़कों और घरों में जमा ही न हो।