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पन्ना में 3 दोस्तों को मिला 50 लाख का हीरा:शादी नहीं होने पर मिलकर लगाई थी खादान; बारिश के बाद चमकती दिखी 'जेम क्वालिटी' हीरा
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सरकोहा गांव में एक खेत में संचालित हीरा खदान से 16.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिला है। बाजार विशेषज्ञों ने इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए से अधिक बताई है। हीरा अखिलेश पाल के खेत में मिली खदान से निकला है। मलबे की चाल में मिला चमकता पत्थर अखिलेश पाल ने करीब दो साल पहले अपने खेत में हीरा खदान के लिए पट्टा लिया था। मंगलवार को बारिश के बाद खदान से निकली मलबे की चाल का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान मिट्टी के ढेर में पानी से धुलकर चमकती एक वस्तु दिखाई दी। वस्तु को बाहर निकालकर साफ किया गया तो वह 16.96 कैरेट का हीरा निकला। हीरा मिलने की जानकारी के बाद खदान परिसर में मौजूद साझेदारों में खुशी का माहौल बन गया। सात साझेदारों के बीच बांटी जाएगी राशि खदान का पट्टा अखिलेश पाल के नाम पर दर्ज है। इन साझेदारों में अखिलेश पाल (पट्टा धारक), संतोष कुशवाहा (35), शर्मन पाल (38), अरुण रावत (30), हेमचन्द्र पाल, जमुना पाल और हीरालाल कुशवाहा शामिल हैं। खबर के अनुसार, हीरे की नीलामी से प्राप्त राशि नियमानुसार सभी साझेदारों में बराबर बांटी जाएगी। हीरे को पन्ना स्थित शासकीय हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है। इसे आगामी शासकीय नीलामी में बोली के लिए रखा जाएगा। नीलामी के बाद रॉयल्टी और टैक्स की कटौती के बाद शेष राशि साझेदारों को मिलने की बात कही गई है। शादी और मकान के लिए राशि खर्च करने की योजना साझेदारों ने बताया कि नीलामी से मिलने वाली राशि से वे अपनी जरूरतों को पूरा करेंगे। संतोष कुशवाहा, शर्मन पाल और अरुण रावत ने आर्थिक स्थिति के कारण अब तक शादी नहीं की है। साझेदारों के अनुसार, नीलामी से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा उनकी शादी में खर्च किया जाएगा। वहीं, अन्य साझेदारों ने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के लिए बेहतर घर बनाने की योजना बताई है।