समाचार · हरियाणा
करनाल में झुग्गियों में लगी आग:जेसीबी से हटाया गया मलबा, लोग बोले- सामान निकालने का समय नहीं दिया
करनाल के सेक्टर-12 में झुग्गियों में शनिवार को अचानक आग लग गई। आग लगते ही झुग्गियों में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग बुझाने के साथ ही मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू होने से वहां रहने वाले लोगों ने विरोध जताया। उनका आरोप है कि उन्हें अपना सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोग बोले- सामान निकालने का भी मौका नहीं दिया झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी झुग्गियों में आग अपने आप नहीं लगी, बल्कि किसी ने लगाई है। आग के कारण उनका घरेलू सामान मलबे में दब गया। उनका कहना था कि सामान बाहर निकालने का मौका दिए बिना ही वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने जेसीबी से झुग्गियों को हटाना शुरू कर दिया गया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें सामने से हटने के लिए कहा गया और मशीन चढ़ाने की धमकी दी गई। लोगों ने बताया कि झुग्गियों के अंदर एक बच्चा भी मौजूद था। ऐसे में आग लगने के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता था। उनका सवाल था कि यदि बच्चे को कुछ हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। लोगों का कहना है कि दमकल विभाग की गाड़ी आग बुझाने पहुंची थी, लेकिन इसके तुरंत बाद जेसीबी भी मौके पर आ गई और मलबा हटाने लगी। बड़े नेता के आने के कारण हटाने का लगाया आरोप झुग्गी वालों ने आरोप लगाया कि उन्हें बताया गया कि कोई बड़ा नेता आने वाला है, इसलिए झुग्गियां हटाई जा रही हैं। लोगों ने दावा किया कि उन्हें केवल 15 मिनट का समय दिया गया था, लेकिन इससे पहले ही आग लगा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 तारीख को करनाल में अमित शाह के प्रस्तावित दौरे के चलते झुग्गियां हटाई जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने कार्रवाई पर उठाए सवाल मौके पर पहुंचे कांग्रेस के जिला यूथ अध्यक्ष रजत लाठर ने भी कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को अपना सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया। आग बुझने से पहले ही बुलडोजर चलाकर झुग्गियां हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर को सुंदर बनाने के नाम पर गरीब लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। लाठर ने कहा कि जब चुनाव के समय इन लोगों की जरूरत होती है तो उन्हें सम्मान दिया जाता है, लेकिन अब उनके घर उजाड़े जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर को सुंदर बनाना था तो पिछले 12 साल में इस दिशा में काम क्यों नहीं किया गया। फिलहाल झुग्गियों में आग लगने के कारण और मलबा हटाने की कार्रवाई को लेकर लोगों के आरोपों पर प्रशासन की ओर से कोई पक्ष सामने नहीं आया है।