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क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट के बहाने ठगी:एक्सिस बैंक का कर्मचारी बन स्टूडेंट से ठगे 1.39 लाख, इंदौर में रहकर करता है पढ़ाई
रतलाम शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में मेडिकल कॉलेज के छात्र से फर्जी बैंक अधिकारी बनकर करीब ₹1.40 लाख की ठगी की गई, जबकि दूसरे मामले में जिला न्यायालय की एक महिला कर्मचारी के बैंक खाते से ₹20 हजार निकाल लिए गए। दोनों मामलों में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिवॉर्ड प्वाइंट के नाम पर उड़ाए ₹1.40 लाख अष्टविनायक रेसिडेंसी निवासी 27 वर्षीय हिमांशु विश्वकर्मा ने ई-एफआईआर दर्ज कराई है। हिमांशु एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर से फिजियोथैरेपी (पीजी फाइनल) की पढ़ाई कर रहे हैं और फिलहाल रतलाम आए हुए थे। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उन्होंने ऑनलाइन एक्सिस बैंक-फ्लिपकार्ट क्रेडिट कार्ड लिया था, जिसकी लिमिट ₹1.57 लाख थी। 17 जुलाई को खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति ने कॉल कर रिवॉर्ड प्वाइंट को कैश और वाउचर में बदलने का झांसा दिया। आरोपी के कहने पर उन्होंने वेबसाइट पर कार्ड की जानकारी और ओटीपी दर्ज किया, जिसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से तीन ट्रांजेक्शन में ₹1,39,999 कट गए। मोबाइल नेटवर्क बंद, फिर खाते से निकले ₹20 हजार दूसरे मामले में जिला न्यायालय की एक महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक में खाता है और वह PhonePe का उपयोग करती हैं। 23 जुलाई को उनके मोबाइल का नेटवर्क अचानक बंद हो गया। अगले दिन उन्होंने एयरटेल कार्यालय जाकर शिकायत दर्ज कराई और आवश्यक दस्तावेज जमा किए। कंपनी की ओर से एक दिन में सेवा बहाल होने की बात कही गई। 27 जुलाई को मोबाइल चालू होने पर उन्होंने देखा कि उनके खाते से PhonePe के माध्यम से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में ₹20 हजार निकाल लिए गए थे। महिला ने आरोप लगाया कि किसी ने उनका मोबाइल हैक कर धोखाधड़ी की। पति भी हो चुके हैं साइबर ठगी का शिकार महिला ने पुलिस को बताया कि इससे पहले अप्रैल में उनके पति के एचडीएफसी बैंक खाते से भी PhonePe के जरिए ₹50 हजार की साइबर ठगी हुई थी। शिकायत के अनुसार, रकम समीर हुसैन नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई थी। दोनों मामलों की जांच शुरू औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर ठगी के तरीकों, ट्रांजेक्शन की जानकारी और संबंधित खातों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।