समाचार · मध्य प्रदेश
गुमटी, पान और चाय दुकान पर मिल रही शराब:हरी नेट बांधकर अहाता भी बनाया; रिपोर्टर से बोले– जिस भी ब्रांड की चाहिए, मिल जाएगी
शाजापुर में पान, चाय दुकान और खेत में टीन की गुमटी बनाकर अवैध शराब बेची जा रही है। हरी नेट बांधकर यहां अहाता भी बनाया गया है। कुछ जगह तो दुकानों के पीछे खेत जाम छलकते नजर आते हैं। यहां आपको जिस भी ब्रांड की चाहें, वह शराब की बोतल मिल जाएगी। नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान
जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मोहन बड़ोदिया गांव। आबादी करीब 10 हजार। ज्यादातर लोग खेती-किसानी करते हैं। यहां ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान जोर-शोर से चल रहा है। शोर मचाते रथ दिनभर गलियों में घूम रहे हैं। पर्चे बांटे जा रहे और पुलिस लोगों को नशे जैसी बुरी आदत से दूर रहने की शपथ दिला रही है। नीलाम दो दुकानें, तीन अवैध चल रहीं
भास्कर रिपोर्टर को सूचना मिली कि मोहन बड़ोदिया में अवैध शराब की दुकानें संचालित हैं। बताया गया कि यहां आबकारी विभाग द्वारा नीलाम की गई दो दुकानें हैं, लेकिन शराब बेचने की तीन दुकानें अवैध रूप से चल रही हैं। यहां बेरोकटोक 24 घंटे मनचाही शराब मिल जाती है। दूरदराज से लोग यहां शराब खरीदने आते हैं। इनमें से एक दुकान तो अस्पताल और थाने से पास स्थित है। टीम ने ग्राउंड जीरो पर जाकर हकीकत जानी। तीनों अवैध दुकानों का स्टिंग ऑपरेशन कर कैमरे में रिकॉर्ड किया। स्टिंग-1
खेत में शराब दुकान, हरी नेट बांध कर बनाया अहाता नलखेड़ा रोड पर खेतों के बीच हरी नेट से बाउंड्री बनाई गई है। दुकान के बाहर ‘पाल टी स्टॉल’ लिखा बोर्ड लटका है। लेकिन, यहां चाय नहीं, शराब मिलती है। यहां नेट से कवर कर अहाता बनाया गया है। लोग शराब पी रहे हैं। हम दुकान के काउंटर पर पहुंचे ही थे कि अंदर से आवाज आई- किस ब्रांड का क्वार्टर चाहिए या बोतल? हमने कहा- कौन-कौन सी ब्रांड की है? इस पर शराब बेच रहे शख्स ने कहा- जो बोलोगे, वो मिल जाएगी। यहीं बैठकर पी लेना पानी और चखना भी दे देंगे। वहीं बनियान पहने एक शख्स ने कहा– यहीं पीछे खेत में बैठकर पी लेना। यहां देखा, तो कुछ लोग यहां बैठकर शराब पी रहे थे। इसके बाद रिपोर्टर कम पैसे होने की बात कहकर चले आए। स्टिंग- 2 सब्जी मंडी के बीच पान की दुकान, मिलती शराब है हाट बाजार में सब्जी-भाजी की दुकानों के बीच बड़ी सी पान की दुकान है। चारों तरफ पीले कलर से पुती जालियां लगी हैं। अंदर कुछ पाउच लटके नजर आ रहे हैं। यहां एक दुकान के बाहर खाद्य सामग्री रखी है। अंदर शराब से भरी पेटियां रखी थीं। हरी नेट में से छोटी सी खिड़की बना दी थी, इसमें से शराब और रुपयों का लेन–देन होता है। रिपोर्टर ने दुकानदार से पूछा, मिल जाएगी क्या, कौन सी है? इस पर दुकानदार ने एक के बाद एक करीब आठ-दस ब्रांड के नाम गिना दिए। हमने उससे महंगा ब्रांड देने को कहा। इस पर दुकानदार ने कहा- ये मेरे पास अभी तो नहीं है, पैसे दे दो, पांच मिनट में मंगवा देते हैं। इस दुकान पर शराब बेचने का नजारा देख हैरान रह गए, अंदर की तरफ शराब से भरी कई पेटियां नजर आ रही थीं। स्टिंग - 3
थाने–अस्पताल के पास अवैध शराब दुकान सारंगपुर रोड पर आरोग्य हॉस्पिटल के पास अवैध दुकान धड़ल्ले से चल रही है। यहां भी लोग शराब खरीदने आ रहे हैं। पता चला है कि यहां शाम को इतनी भीड़ रहती है कि कई बार झगड़े की नौबत आ जाती है।
काउंटर के पास पहुंचे हरी नेट के पीछे से आवाज आई कौनसी चाहिए? यहां एक शख्स मौजूद था। रिपोर्टर ने पूछ लिया कि ऐसे ही बेच रहे हैं या लाइसेंस भी है। दुकान के अंदर से आवाज आई लाइसेंस तेजपाल भैया के पास है। 5 करोड़ में नीलाम हुई थीं दो दुकानें वित्तीय वर्ष में दोनों लाइसेंसी शराब दुकान 5 करोड़ 36 लाख में नीलाम हुई थीं। पहली दुकान रामबाई शिवहरे ने 3 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपए में खरीदी थी। दूसरी दुकान जोधपाल सिंह ने 2 करोड़ 25 लाख 55 हजार 899 रुपए में लिया था। यह दुकानें सुबह 8:30 बजे से रात 11:30 तक खुली रहती हैं। अब जिम्मेदारों का रुख देखिए… आबकारी अधिकारी बोलीं- प्रश्न लिखकर दीजिए तीनों अवैध दुकानों का स्टिंग कर शाजापुर स्थित आबकारी विभाग के दफ्तर पहुंचे। आबकारी अधिकारी निमिषा परमार ने रिकॉर्डिंग करने से मना कर दिया। निमिषा परमार से तीनों अवैध शराब दुकानों के बारे में पूछा? उन्होंने कहा- प्रश्न लिखकर दे दीजिए, लिखित में जानकारी उपलब्ध करा देंगे। मोहन बड़ोदिया की वैध शराब दुकानों के बारे में पूछा? इस पर भी वो कुछ नहीं बोलीं। बातचीत में रिपोर्टर पर ही सवाल उठा दिया। इसके बाद वे पहचान, आईडी कार्ड और संस्थान से जुड़े सवाल पूछने लगीं। कलेक्टर बोलीं– मैसेज कर दीजिए, जवाब मिल जाएगा
कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि आप जो जानकारी चाहते हैं, उसके बारे में डिटेल व्हाट्सऐप पर मैसेज कर दीजिए। एसपी प्रियंका शुक्ला ने कहा कि मोहन बड़ोदिया का मामला संज्ञान में आया है। यदि इस तरह की अनियमिताएं पाई जाती हैं, तो एक्शन लिया जाएगा।