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गुरुग्राम में लेखक-एक्टर सुहेल सेठ ने शुरू किया 'नागरिक आंदोलन':बोले-देश का इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा रहा, जनता अब चुप न बैठे, 2.17 मिनट का वीडियो वायरल
गुरुग्राम में रहने वाले प्रसिद्ध मार्केटिंग एक्सपर्ट, लेखक और एक्टर सुहेल सेठ ने चरमारते इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ नागरिक आंदोलन शुरू की पोस्ट की है। अपने अधिकारिक एक्स हैंडल पर उन्होंने 2.17 मिनट की एक वीडियो क्लिप में गुरुग्राम सहित देश के कई बड़े शहरों की बदहाल सड़कों, जलभराव, बिजली कटौती और कमजोर पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उनका कहना है कि अरबों के घर बिक रहे, फिर भी चूहों से बदतर जिंदगी है। नागरिक हर साल भारी-भरकम टैक्स चुकाते हैं। इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी ठीक से नहीं मिलती हैं। अब समय आ गया है कि जनता चुप बैठना बंद करे। सरकार और प्रशासन को उनकी जवाबदेही याद दिलाने के लिए एक बड़ा डिजिटल और जमीनी आंदोलन खड़ा किया जाए। उन्होंने लोगों से जलभराव, टूटी सड़कों और अन्य समस्याओं की तारीख और स्थान के साथ तस्वीरें व वीडियो व्हाट्सएप करने को कहा, उन्होंने वादा किया कि वे जांचे गए हर सबूत को मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाएंगे। उनके इस मूवमेंट का असर भी दिखाई देने लगा है। एक हजार से ज्यादा शिकायतें मिली सुहेल सेठ ने बताया कि अब तक एक हजार से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। इनमें मुख्य तौर पर गुरुग्राम, बंगलुरू और मुंबई में जल भराव, गुरुग्राम में कूड़ा-कचरा और सड़कों की खराब हालत और पैथहॉल की शिकायतें हैं। लोगों के साथ प्रतिष्ठित लोगों का समर्थन मिल रहा सुहेल सेठ ने लोगों से सुविधाओं की विफलताओं की तस्वीरें और वीडियो भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन की जवाबदेही तय नहीं होती, वे इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाते रहेंगे। उनकी इस अपील को देश भर की प्रमुख हस्तियों और आम लोगों का भारी समर्थन मिला है, जिनमें बायोकॉन की संस्थापिका किरण मजूमदार-शॉ, वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और एंजेल इन्वेस्टर लॉयड मथियास शामिल हैं। जहां 271 करोड़ का अपार्टमेंट बिक रहा, वहां जलभराव रिटायर लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील सिंह श्योराण ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं न तो कम्युनिस्ट हूं और न ही कट्टर समाजवादी, लेकिन गुरुग्राम जैसे शहर में, जहां तीसरे दर्जे की नागरिक सुविधाएं हैं, 271 करोड़ रुपये में एक अपार्टमेंट बिक रहा है, भारत में कुछ न कुछ बहुत गड़बड़ है। उन्होंने बिजनेसमैन मानव सरदाना द्वारा DLF 'द डहलियाज' में खरीदे गए 271 करोड़ रुपये के पेंटहाउस का जिक्र भी किया। मंगलवार सुबह तक उनके इस पोस्ट को करीब 4 लाख व्यूज, 728 कमेंट्स, 2,100 रीपोस्ट और 7,100 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। देशभर से लोग जुड़ रहे सुहेल सेठ ने इसे विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक 'नागरिक आंदोलन' का नाम दिया है। उनका कहना है कि पुख्ता सबूतों और जनता के एकजुट दबाव से अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जा सकता है। यह अभियान अब सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई अन्य शहरों से भी लोग अपनी बदहाल नागरिक सुविधाओं की तस्वीरें और कहानियां साझा कर रहे हैं। सड़कों में एवरेस्ट जितने बड़े गड्ढे उन्होंने ये भी कहा कि सड़कों के गड्ढे "माउंट एवरेस्ट" जितने बड़े हो गए हैं, जबकि सदियों का अनुभव होने के बावजूद हर मानसून में शहर पानी में डूब जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर मानसून में मिलेनियम सिटी गुरुग्राम को वेनिस बनने दिया जाता है। उन्होंने कहा, "कमियों पर सिर्फ बातें करना बंद करते हैं और समाधान की तरफ बढ़ते हैं। हम ऐसे शहरों के हकदार हैं, जहां हम रह सकें, न कि ऐसे शहरों के जहां हमें तैरना पड़े।