समाचार · मध्य प्रदेश
विश्व आदिवासी दिवस पर महारैली, बैतूल में यातायात व्यवस्था बदली:दोपहर 12 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधित
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 11 अगस्त को बैतूल में विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा। महारैली को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर में विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक शहर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान ट्रक, डंपर और मल्टी-एक्सल समेत सभी तरह के भारी वाहनों को शहर के मुख्य मार्गों पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। वाहन चालकों से बाईपास और दूसरे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। दोपहर 12 बजे से भारी वाहनों की नो एंट्री यातायात पुलिस के मुताबिक, महारैली के दौरान दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक शहर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस व्यवस्था के तहत ट्रक, डंपर और मल्टी-एक्सल जैसे भारी वाहनों को शहर के मुख्य रास्तों पर आने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस समय के दौरान शहर में आने के लिए बाईपास और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। रैली के दौरान प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात महारैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभालने के साथ ही रैली के दौरान आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखेंगे। भीड़ बढ़ने या किसी मार्ग पर यातायात का दबाव ज्यादा होने की स्थिति में पुलिस मौके के हिसाब से वाहनों के रास्ते में बदलाव भी कर सकती है। रैली में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था यातायात पुलिस ने महारैली में शामिल होने वाले वाहनों के चालकों से निर्धारित पार्किंग स्थलों का इस्तेमाल करने की अपील की है। चालकों से कहा गया है कि वे अपने वाहन सड़कों के किनारे या मुख्य मार्गों पर खड़े न करें। सड़क पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित हो सकता है और रैली के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वाहन चालकों से पार्किंग व्यवस्था में सहयोग करने को कहा गया है। आम वाहन चालकों से अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील यातायात पुलिस ने आम वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे के बाद शहर के मुख्य मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें। जरूरी काम होने पर ही इन मार्गों का इस्तेमाल करें और यात्रा के दौरान पुलिस की ओर से बताए गए डायवर्सन और वैकल्पिक रास्तों का पालन करें। इससे महारैली के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी और आम लोगों को भी कम परेशानी होगी। पुलिस के निर्देशों और डायवर्सन का करना होगा पालन महारैली के दौरान शहर में यातायात की स्थिति के अनुसार पुलिस मौके पर वाहनों के रास्ते में बदलाव कर सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करना होगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बैरिकेडिंग, डायवर्सन और पुलिस द्वारा बताए गए रास्तों को नजरअंदाज न करें। व्यवस्था बनाए रखने के लिए वाहन चालकों से पुलिस के साथ सहयोग करने को कहा गया है। आपातकालीन वाहनों को तुरंत रास्ता देने के निर्देश यातायात व्यवस्था के दौरान एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना जरूरी होगा। पुलिस ने विशेष निर्देश दिए हैं कि ऐसे वाहनों को किसी भी स्थिति में रास्ते के लिए इंतजार न करना पड़े। वाहन चालक और रैली में शामिल लोग आपातकालीन वाहनों को देखते ही उन्हें तत्काल रास्ता दें, ताकि जरूरत के समय मरीजों और अन्य लोगों को समय पर मदद मिल सके। 11 अगस्त को कार्यक्रम खत्म होने तक रहेगी व्यवस्था यातायात पुलिस की ओर से लागू की गई यह विशेष व्यवस्था 11 अगस्त को दोपहर 12 बजे से महारैली का कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान शहर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद यातायात की स्थिति के अनुसार व्यवस्था सामान्य की जाएगी। बाईपास और वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल पुलिस ने भारी वाहन चालकों को पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी है। शहर के मुख्य मार्गों पर प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण ट्रक, डंपर और मल्टी-एक्सल समेत अन्य भारी वाहन बाईपास और वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्य तक पहुंचें। इससे महारैली के दौरान शहर के अंदर यातायात का दबाव कम रहेगा और रैली में शामिल लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। भीड़ और यातायात दबाव पर पुलिस की नजर महारैली के दौरान शहर में भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए यातायात पुलिस लगातार स्थिति पर नजर रखेगी। किसी मार्ग पर ज्यादा भीड़ या वाहनों का दबाव बढ़ने पर जरूरत के अनुसार तत्काल यातायात व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस का उद्देश्य महारैली के दौरान लोगों की आवाजाही को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है। आमजन से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने महारैली में शामिल होने वाले लोगों के साथ-साथ आम वाहन चालकों से भी व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें, मुख्य मार्गों पर अनावश्यक वाहन न ले जाएं और पुलिस द्वारा बताए गए डायवर्सन का पालन करें। साथ ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को तुरंत रास्ता दें। पुलिस के मुताबिक, आम लोगों के सहयोग से महारैली के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जा सकेगा।